बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
झारखंड
के ग्रामीण विकास व संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम के सचिव संजीव कुमार लाल और
उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के दौरान कुल
35 करोड़ 23 लाख रुपये बरामद किए गए हैं.
नोटों
की गिनती सोमवार देर रात तक की गई. इसके लिए बैंक से नोट गिनने की कई मशीनें मंगाई
गई थीं.
ईडी
अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.
संजीव
कुमार लाल झारखंड प्रशासनिक सेवा (जेपीएससी) के पहले बैच के अधिकारी हैं.
वे
इससे पहले बीजेपी की रघुबर दास सरकार में मंत्री सीपी सिंह और अर्जुन मुंडा सरकार
में मंत्री रहीं बिमला प्रधान के भी सचिव रह चुके हैं.
ईडी
के अधिकारियों ने सोमवार की सुबह संजीव कुमार लाल के सरकारी आवास और उनके सहायक
जहांगीर आलम के निजी आवास पर छापेमारी की. इसके अलावा उनकी पत्नी के साथ एक कंपनी
में निदेशक रहे व्यवसायी मुन्ना सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के अभियंता
कुलदीप मिंज और विकास कुमार के घरों पर छापेमारी की गई.
इस
दौरान सबसे अधिक कैश जहांगीर आलम के घर से बरामद किया गया. उनके यहां से 31.20 करोड़ रुपये बरामद किए गए. इस छापेमारी में कुछ सरकारी
काग़ज़ात भी बरामद किए गए.
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हुई अपनी चुनावी सभा के दौरान इस ईडी रेड की चर्चा करते
हुए कहा कि “झारखंड में नोटों के पहाड़ मिल रहे
हैं.”
नरेंद्र
मोदी ने कहा, “लोग इस लूट को रोकने की आलोचना कर रहे
हैं. अब आप ही बताइए, यदि मैं उनकी चोरी रोकूंगा, उनकी आमदनी बंद करूंगा, उनकी लूट बंद कर दूंगा, तो वे मोदी को गाली नहीं देंगे तो और क्या करेंगे.”
ईडी
रेड मामले में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की प्रतिक्रिया आई है.
उन्होंने
मीडिया से कहा, “संजीव लाल एक सरकारी मुलाजिम हैं और
हमारे निजी सचिव हैं. हम निजी सचिव का चुनाव अनुभव के आधार पर करते हैं. वे पहले
भी 2-2 मंत्रियों के निजी सचिव रह चुके हैं.
फ़िलहाल, जो आप देख रहे हैं, वही हम भी टीवी के माध्यम से देख रहे हैं. ईडी का क्या
निष्कर्ष आएगा वह देखा जाएगा.”
ईडी
के अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है. हालांकि, नाम गोपनीय रखने की शर्त पर वे इस बरामदगी की पुष्टि कर रहे
हैं. एक अधिकारी ने बताया कि ईडी अब इस बरामदगी से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी.
उसके बाद कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया जा सकता है.
झारखंड
की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री
बाबूलाल मरांडी ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर मंत्री आलमगीर आलम को मंत्रिमंडल से
बर्खास्त करने की मांग की है.
उन्होंने
कहा कि जब नौकर के घर से इतने पैसे बरामद किए जा रहे हैं तो मालिक के पास कितना
होगा.