छत्तीसगढ़ के माओवाद बीजापुर
ज़िले में संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ में पुलिस ने 31 माओवादियों के मारे
जाने का दावा किया है. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के दो जवान भी मारे गए हैं.
बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया कमेटी क्षेत्रांतर्गत जंगल में डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाईटर की संयुक्त पार्टी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई है.
पुलिस के एक अधिकारी ने
कहा, "बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में संदिग्ध माओवादियों की उपस्थिति की
सूचना के बाद सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम ऑपरेशन के लिए निकली थी. जहां रविवार
को संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ अभी भी जारी है."
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़
स्थल से अब तक 31 संदिग्ध माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा मौके से
भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी मिले हैं.
इसमें एके 47, एसएलआर, आईएनएसएएस राइफल, 303, बीजीएल लॉन्चर हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है.
इस मुठभेड़ में पुलिस ने दो
जवानों के मारे जाने की बात भी कही है. इस मुठभेड़ में दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें मौके़ से निकाल कर इलाज के लिए रवाना किया जा रहा
है.
इस महीने की एक तारीख़ को बीजापुर में ही सुरक्षाबलों ने 8 माओवादियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.
इससे पहले, 20-21 जनवरी को सुरक्षाबलों ने गरियाबंद में लगभग 75 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद 16 माओवादियों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.
इस मुठभेड़ में मारे जाने वालों में सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य और 90 लाख के इनामी चलपति के अलावा नुआपड़ा-गरियाबंद-धमतरी डिवीज़न कमेटी प्रमुख सत्यम गावड़े जैसे माओवादी भी शामिल थे.
इससे पहले, 16 जनवरी को छत्तीसगढ़-तेलंगाना की सीमा पर पुजारी कांकेर में पुलिस ने 18 संदिग्ध माओवादियों को मारने का दावा किया था.
इसके अलावा, 12 जनवरी को बीजापुर में 5 संदिग्ध माओवादी, 9 जनवरी को सुकमा-बीजापुर में 3 संदिग्ध माओवादी और 4 जनवरी को 5 संदिग्ध माओवादियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा पुलिस ने किया है.
पिछले साल भर से छत्तीसगढ़ में माओवादियों के ख़िलाफ़ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार जारी है. अकेले 2024 में सुरक्षाबलों ने 223 माओवादियों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया है.