बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के दूसरे दिन 5 लोगों की मौत, मरने वालों की संख्या बढ़ कर 32 हुई

बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के हिंसक होने के दूसरे दिन पांच लोगों की मौत हो गई.
बीबीसी बांग्ला ने पुष्टि की है कि इन हिंसक प्रदर्शनों में अबतक 32 लोगों की मौत हुई है.
छात्र संगठनों ने शुक्रवार को संपूर्ण बंद का कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की है. गुरुवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन फूट पड़ने के कारण हुई अलग अलग घटनाओं में 25 से अधिक लोग मारे गए थे.
देश में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है. शुक्रवार को ताज़ा हिंसा में नरसिंगडी ज़िला जेल में भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और कई कैदी भाग गए हैं.
यहां 1000 कैदी बंद थे. गुरुवार को बीटीवी के परिसर में आगजनी की घटना और उस पर कब्ज़ा करने की प्रदर्शनकारियों की कोशिश के बाद सुरक्षा बलों ने इस पर दोबारा कब्ज़ा कर लिया है.

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शुक्रवार को पूरे दिन बांग्लादेश में हुई घटनाओं पर एक नज़र-
- मोहम्मदपुर और मीरपुर में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारियों और सत्तापक्ष के प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की ख़बर है.
- मीरपुर में एक इमारत में आग लग गई. ढाका में जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी को 17 जुलाई से अनिश्चितकालीन बंद कर दिया गया था लेकिन शुक्रवार को प्रदर्शनकारी छात्रों का एक बड़ा हुजूम निकला जिसने कुछ हॉल के ताले तोड़ दिए.
- ढाका के रामपुरा थाना को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया. यहां एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई और एक पुलिस वैन में तोड़फोड़ की गई.
- प्रशासन ने ढाका मेट्रो रेल को अगले आदेश तक बंद कर दिया है. ढाका के पलटन में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई.
- इस बीच शेख़ हसीना सरकार के कानून मंत्री अनीसुल हक़ ने कहा कि आरक्षण विरोधी कार्यकर्ताओं से सरकार बातचीत शुरू होने का इंतज़ार कर रही है.
- भारत ने बांग्लादेश में जारी विरोध प्रदर्शनों को देश का आंतरिक मामला बताया है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और हालात पर नज़र बनाए रखने की बात कही है.


















