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पाकिस्तान: लाहौर हाई कोर्ट से इमरान को राहत, कल सुबह 10 बजे तक कार्रवाई पर रोक
- इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की गिरफ्तार वारंट पर फ़ैसला सुरक्षित रखा है.
- लाहौर हाई कोर्ट ने गुरुवार सुबह 10 बजे तक ज़मान पार्क में कार्रवाई पर रोक लगाई
- पीएम पद पर रहते हुए सरकारी तोहफ़ों को निजी स्वार्थ के लिए बेचने के मामले में कोर्ट ने गिरफ़्तारी का आदेश दिया है.
- चुनाव आयोग ने उन्हें इस मामले में दोषी पाया है जिसके बाद इस मामले की आपराधिक जांच जारी है
- इमरान ख़ान का कहना है कि उन्होंने कोई क़ानून नहीं तोड़ा और ये तोहफ़े का़नूनी तौर पर बेचे गए थे.
- अगर इस मामले में वो दोषी साबित हुए तो उन पर चुनाव लड़ने को लेकर पाबंदी लग सकती है.
- इमरान ख़ान की पार्टी ने कहा है कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो वो विरोध प्रदर्शन और तीव्र करेगी.
- इमरान ख़ान ने कहा है कि सुरक्षा कारणों से वो अदालत नहीं आ पाए हैं. बीते साल उन पर एक रैली में हमला हुआ था.
- उनका कहना है कि पीएम पद छोड़ने के बाद से उन के ख़िलाफ़ 76 मामले दर्ज किए गए हैं.
इस्लामाबाद हाई कोर्ट में इमरान खान के गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने के अनुरोध पर सुनवाई हुई है. अदालत ने वकीलों की दलील सुनने के बाद फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.
उधर लाहौर हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि कल सुबह 10 बजे तक ज़मान पार्क में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी. ये फ़ैसला लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस तारिक़ सलीम शेख़ ने दिया है.
इससे पहले तहरीके इंसाफ़ ने इस अदालत में पुलिस कार्रवाई को रोकने की मांग की थी.
इसीबीच लाहौर स्थित इमरान ख़ान के घर के बाहर पुलिस हट गई है. ख़बरों में बताया जा रहा है कि लाहौर में होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग के मैच के कारण ये क़दम उठाया गया है.
उधर इस्लामाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई की शुरुआत में इमरान खान के वकील ख्वाजा हारिस ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट का सात मार्च का आदेश पढ़ा.
ख्वाजा हारिस ने अदालत को बताया कि वो व्यक्तिगत रूप से आश्वासन देते हैं कि कि इमरान खान 18 मार्च को सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश होंगे.
इस पर मुख्य न्यायाधीश आमिर फ़ारुक़ ने कहा कि अदालतों का सम्मान और गरिमा बहुत अहम है और ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि कानून सब के लिए बराबर नहीं है.
उन्होंने कहा कि अदालत ने इमरान खान को 13 मार्च को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश होने को कहा था, लेकिन वह पेश नहीं हो सके.
चीफ जस्टिस आमिर फारूक ने पूछा कि उस दिन इमरान खान कहां थे?
जिस पर ख्वाजा हारिस ने कहा कि इमरान खान घर पर थे.
मुख्य न्यायाधीश ने ख्वाजा हारिस से कहा कि अदालत आरोप तय करने से पहले उनकी आपत्तियों पर फैसला कर सकती थी लेकिन उनके मुवक्किल को पेश होना चाहिए था.
ख्वाजा हारिस ने कहा कि उन्होंने इमरान खान से बात की है और उन्होंने लिखित आश्वासन दिया है कि वह 18 मार्च को पेश होंगे.
इससे पहले मंगलवार देर रात तक पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के घर के बाहर उनके समर्थकों और पुलिस के बीच भीषण झड़पें हुई हैं जो अब भी जारी हैं.
इमरान ख़ान को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची पुलिस पूरी रात उन तक पहुंचने की कोशिश करती रही, लेकिन वो अपने घर से बाहर नहीं निकले.
लाहौर में ज़मन पार्क के नज़दीक बने इमरान ख़ान के घर के बाहर बड़ी संख्या में उनकी तहरीक़-ए-इंसाफ़ पार्टी (पीटीआई) के समर्थक मौजूद थे. पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश में आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन ग़ुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पत्थर और ईंट फेंके.
मौके पर मौजूद संवाददाता तरहब असग़र ने बताया कि पुलिस इमरान ख़ान के घर की गली में दाख़िल होने में कामयाब हुई है. अब से पहले पुलिस इमरान ख़ान के घर के इतना क़रीब नहीं पहुंच सकी थी.
इमरान ने जारी किया वीडियो संदेश
बुधवार तड़के इमरान ख़ान ने एक वीडियो जारी किया जिसमें वो पार्टी के झंडे से सामने बैठे दिखे. उनकी मेज़ पर आंसूगैस के कई गोले रखे हुए थे. उनका दावा था कि आंसू गैस के ये गोले उनके घर पर छोड़े गए.
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें जेल में डालकर पार्टी को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, "बाहर पुलिस की भारी तैयारी चल रही है, कंटिन्जेंट तैयार हो रहे हैं, रेंजर्स तैयार हो रहे हैं ताकि ज़मन पार्क को फ़तह कर सकें."
"मैं बता सकता हूं कि आज मैंने लाहौर हाई कोर्ट के अध्यक्ष को एक अंडरटेकिंग दी है कि मैं 18 तारीख को अदालत में पेश होऊंगा. इसके बाद मुझे गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता, लेकिन बदनियती के कारण इसे नज़रअंदाज़ किया गया क्योंकि उनका उद्देश्य मुझे और मेरी पार्टी को गिराना है."
पुलिस ने इमरान ख़ान के घर में घुसने की कोशिश की जिसके बाद घंटों तक उनके घर के बाहर माहौल तनावपूर्ण बना रहा.
पहले भी पुलिस ने 70 साल के इमरान ख़ान को गिरफ़्तार करने की कोशिश की थी.
इमरान ख़ान ने बीबीसी संवाददाता फ़रहत जावेद को बताया कि उन्हें लगता है कि इस बार इरादा उन्हें किसी भी हाल में जेल भेजने का है.
उन्होंने कहा, "मैं मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार हूं कि मुझे पूरी रात जेल में रहना पड़ेगा. मुझे नहीं पता कि कितनी रातें... लेकिन मैं तैयार हूं."
उन्होंने आरोप लगाया कि ज़मन पार्क में जो हुआ वो सुरक्षा अधिकारियों के समर्थन के बिना नहीं हो सकता था.
साथ ही उन्होंने कहा कि अधिकारी उन्हें या उनकी पार्टी को फिर से चुनाव में खड़ा नहीं होने देना चाहते, इसलिए वो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं चाहे जेल में रहूं या फिर कहीं और, वो मेरी पार्टी को जीतने से रोक नहीं पाएंगे."
वहीं मौजूदा सरकार में मंत्री मरियम नवाज़ ने कहा कि चुनावों से इस घटना का कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं और पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है.
देश के कई हिस्सों में इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी की कोशिश के विरोध में उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं.
शुमाइला जाफ़री, बीबीसी संवाददाता
इस्लामाबाद से
इमरान ख़ान के समर्थकों और पुलिसबलों के बीच कई जगहों पर झड़पें हुई हैं. बुधवार को सवेरे पीटीआई नेता मुराद सईद ने दावा किया कि पुलिस एक बार फिर ज़मन पार्क में मौजूद इमरान ख़ान के घर की तरफ बढ़ रही है.
इससे पहले इमरान ख़ान ने अपने समर्थकों के लिए एक संदेश जारी कर कहा कि उन्होंने एक अंडरटेकिंग में कहा है कि मार्च 18 को अदालत पहुंचेंगे जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता.
उन्होंने कहा कि उन्होंने लाहौर हाई कोर्ट के बार असोसिएशन के अध्यक्ष इश्ताक ए. डार को एक श्योरिटी बॉण्ड दिया है और कहा है कि क्रिमिनल प्रोसीजर के तहत वो कोर्ट में पेश होंगे.
उन्होंने कहा, "लेकिन फिर भी वो ग़ैरक़ानूनी क़दम उठाकर मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं ताकि वो लंदन प्लान पर अमल कर सकें."
उनका इशारा पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ की तरफ़ था. उन्होंने आरोप लगाया कि शरीफ़ के इशारों पर उनके ख़िलाफ़ साज़िश की जा रही है.
उन्होंने पुलिस पर ज़मन पार्क पर हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने ऐसे अभियान छेड़ा जैसे ये "क़ब्ज़े वाला कश्मीर हो." उन्होंने ये भी कहा कि कोर्ट में पेश होने को लेकर उनकी सुरक्षा चिंताएं हैं.
शहबाज़ शरीफ़ ने क्या कहा?
मंगलवार को प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने जियो न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू के दौरान इमरान ख़ान के लगाए आरोपों से इनकार किया और कहा कि इमरान ख़ान गिरफ़्तारी से बचने के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं.
उन्होंने कहा, "इमरान ख़ान निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश की अवमानना कर रहे हैं और गिरफ़्तारी से बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बादजूद उन्हें राहत मिल रही है."
उन्होंने इंटरव्यू देश के बिगड़ते आर्थिक हालात और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से लोन मिलने में देरी के लिए इमरान ख़ान को ज़िम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, "आईएमएफ़ से किए वादों पर इमरान ख़ान पलट गए, मुझे भी नहीं पता था कि इस कारण पाकिस्तान पर आईएमएफ़ का भरोसा कम हुआ."
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि इमरान ख़ान के इस क़दम के कारण अब आईएमएफ़ लोन की किस्त देने से पहले कई शर्तों को लागू करने को कह रहा है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि संस्था की सभी मुश्किल शर्तों को मान लिया गया है और जल्द ही इस पर स्टाफ़ स्तरीय समझौता होगा.
उन्होंने कहा, "आईएमएफ़ की शर्तों के कारण आम नागरिकों पर बोझ बढ़ रहा है और मैं मानता हूं कि मेहनतकश पाकिस्तानियों पर बोझ और बढ़ेगा."
बीते साल छोड़ा था पीएम पद
बीते साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद के बाद इमरान ख़ान सत्ता से बाहर हो गए थे जिसके बाद से वो देश में जल्द से जल्द चुनाव करवाने की मांग कर रहे हैं.
सत्ता से बाहर होने के बाद से वो लगातार मांग करते रहे हैं कि साल के आख़िर में होने वाले चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं. इस मांग को लेकर उनकी पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर मौजूदा शहबाज़ शरीफ़ सरकार पर दबाव बनाए हुए है.
पाकिस्तान की अदालत में इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ भी भ्रष्टाचार के कई मामले चल रहे हैं.
उन पर पीएम पद पर रहते हुए देश को मिले तोहफ़े बेचने का आरोप है. उनका कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.
नवंबर में एक रैली में उन पर हमला हुआ था जिसमें उनके पैर में चोट आई थी. उन्होंने शहबाज़ शरीफ़ सरकार पर उन पर हमला करने का आरोप लगाया, जिससे शहबाज़ शरीफ़ ने इनकार किया था.
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