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राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने दिया वार्ता का ब्यौरा
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड जेम्स ऑस्टिन भारत के दौरे पर हैं. अमेरिका में जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला उच्चस्तरीय दौरा है.
19 मार्च को दिल्ली पहुँचे ऑस्टिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात की है.
राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री से मुलाक़ात के बाद कहा कि बातचीत बहुत व्यापक और लाभकारी रही. ऑस्टिन ने कहा है कि बदलते वैश्विक हालात में भारत अमेरिका का अहम साझेदार बनकर उभरा है.
राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम भारत और अमेरिका के बीच पूर्ण वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम दोनों के बीच सैन्य संबंध बढ़ाने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और अन्य मामलों में सैन्य तंत्र में मदद बढ़ाने को लेकर बात हुई है. हमने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय गतिविधियों की भी समीक्षा की. यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड, सेंट्रल कमांड और अफ़्रीका कमांड में भारतीय सैनिकों के सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है.''
राजनाथ सिंह ने कहा, ''द्विपक्षीय रक्षा समझौतों पर भी बातचीत हुई. इनमें लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरैंडम ऑफ अग्रीमेंट के अलावा COMCASA के साथ बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन अग्रीमेंट पर भी बात हुई. मैंने अमेरिकी रक्षा उद्योग को भारत की उदार एफडीआई नीति का फ़ायदा उठाने का भी आह्वान किया. भारत अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग गहरा करने के लिए कृतसंकल्प है. हमें उम्मीद है कि भारत और अमेरिका का संबंध 21 सदी में निर्णायक साबित होगा.''
ऑस्टिन ने कहा कि राषट्रपति बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सहयोगियों और साझेदारों को लेकर अमेरिका प्रतिबद्ध है. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बहुत ही रचनात्मक बातचीत हुई है.
ऑस्टिन ने कहा, ''अमेरिका इस इलाक़े में जो विज़न है उसमें भारत अहम स्तंभ है. भारत और अमेरिका की साझेदारी खुले और मुक्त इंडो-पैसिफिक के लिए मज़बूती के साथ खड़ी है.''
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