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उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन इतना बदले हुए क्यों नज़र आ रहे
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने बताया कि किम जोंग-उन ने कूटनीतिक रिश्तों को बढ़ाने की बात कही है और अंतर-कोरियाई संबंधों पर नया रवैया अपनाएंगे.
अमेरिका के नए राष्ट्रपति के शपथ समारोह से दो हफ़्ते पहले ही उन्होंने पार्टी मीटिंग की मेज़बानी की.
सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की आठवीं बैठक ऐसे वक़्त में हुई है जब अमेरिका के प्रतिबंधों से राहत के बदले उत्तरी कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम बंद करने पर बातचीत लंबे वक़्त से अटकी हुई है.
सरकारी मीडिया केसीएनए ने बताया इस मीटिंग के तीसरे दिन यानी गुरुवार को किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों को मौजूदा स्थिति और बदले वक़्त के हिसाब से बनाने का मुद्दा उठाया और विदेशी नीति पर चर्चा की.
केसीएनए के मुताबिक़ उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी की नीति और दिशा विदेशी संबंधों को बढ़ाने और विकसित करने पर केंद्रित होगी.
वहीं, बाइडन पर अब उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच चल रहे गतिरोध को तोड़ने की ज़िम्मेदारी होगी.
2019 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच दूसरी शिखर वार्ता किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाई थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से सोल में उत्तर कोरियाई अध्ययन विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर यांग मू-जिन ने कहा कि किम दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संबंधों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे थे, साथ ही 2017 में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) के सफल परीक्षण और ट्रंप के साथ शिखर सम्मेलनों की वजह से आत्मविश्वास से भरे थे.
यांग ने कहा, "ऐसा लग रहा है कि फ़िलहाल वे विचार कर रहे हैं कि बाइडन सरकार के साथ किस तरह रिश्ते बनाए जाएं."
2018 में परमाणु और आईसीबीएम परीक्षण पर ख़ुद रोक लगाने के बावजूद, उत्तर कोरिया ने अपने हथियारों को बढ़ाना जारी रखा और अक्टूबर की परेड में अपनी सबसे बड़ी आईसीबीएम को पेश किया.
बुधवार को किम ने सैन्य क्षमताओं को "उच्च स्तर" पर ले जाने की बात कही. 2018 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतर-कोरियाई संबंधों में कुछ हद तक बढ़ोतरी हुई लेकिन परमाणु वार्ता ठप होने से फिर से रिश्तों में खटास आ गई.
सोल के यूनिफिकेशन मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार था जब उत्तर कोरिया ने 'दक्षिण कोरिया मामले' टर्म का इस्तेमाल किया था, जिसे वह आमतौर पर 'उत्तर-दक्षिण संबंध' कहता है. अब सरकार घटनाक्रमों को बारीकी से देख रही है.
किम ने समाजवादी संस्कृति अभियान में "एक नए स्वर्ण युग" को शुरू करने के तरीक़ों पर भी चर्चा की.
प्योंगयांग ने बाहरी सूचनाओं पर पांबदियों को बढ़ा दिया है. पिछले महीने एक नया क़ानून बनाकर ऐसी विदेशी सामग्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया जो प्रतिक्रियावादी विचार पैदा कर सकती हैं.
केसीएनए ने बताया कि किम ने "सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में अपनी संपूर्ण और क्रांतिकारी जीवन शैली स्थापित करने और ग़ैर-समाजवादी तत्वों को पूरी तरह से समाप्त करने का आह्वान किया."
सभा का मक़सद 2016 में हुई आख़िरी बैठक के बाद से पार्टी के काम की समीक्षा करना और एक नई पंचवर्षीय आर्थिक योजना के साथ राजनयिक व सैन्य ब्लूप्रिंट बनाना था.
केसीएनए के मुताबिक़ किम जोंग उन के जन्मदिन पर शुक्रवार को भी बैठक होगी. इस जन्मदिन को उत्तर कोरिया सैन्य परेड और अन्य कार्यक्रमों के साथ मनाने की तैयारी कर रहा है.
उम्मीद है कि बैठक समाप्त होने के बाद किम अपनी नई योजनाओं के बारे में एक सार्वजनिक संदेश देंगे.
2016 में पार्टी मीटिंग चार दिनों तक चली थी लेकिन सबसे लंबी मीटिंग 1970 में हुई जिसमें 12 दिन लगे.
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