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अफ़ग़ानिस्तान में महिला पत्रकार मलाला माएवंद की गोली मारकर हत्या
पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में एक महिला पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
मलाला माएवंद गुरुवार को जलालाबाद में अपने काम पर जा रही थीं, तभी हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी पर फ़ायर किए.
उनके ड्राइवर मोहम्मद ताहिर भी इस हमले में मारे गए हैं. अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी आधिकारिक तौर पर नहीं ली है.
हाल में ही नैटो और यूरोपीय यूनियन ने एक बयान जारी कर अफ़ग़ानिस्तान में निशाना बनाकर की जा रही हत्याओं की निंदा की थी.
माएवंद एनिकास टीवी एंड रेडियो की पत्रकार थीं. प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्ला खोगियानी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि घटना के बाद हत्यारे इलाक़े से भागने में सफल रहे.
माएवंद एक सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट भी थीं. वे कई दफ़ा अफ़ग़ानिस्तान में महिला पत्रकारों के सामने मौजूद चुनौतियों के बारे में खुलकर बोल चुकी थीं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, उनकी मां भी एक एक्टिविस्ट थीं जिनकी हत्या अज्ञात बंदूक़धारियों ने पाँच साल पहले कर दी थी.
अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन की राजदूत एलिसन ब्लेक ने माएवंद की हत्या की निंदा की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, "हम पत्रकार मलाला माएवंद और उनके ड्राइवर की हत्या की निंदा करते हैं."
उन्होंने लिखा है, "हमें प्रेस की आज़ादी को बरक़रार रखने के लिए एकजुट होना होगा. उनकी मौतों की जाँच होनी चाहिए और हत्यारों को इस घृणित कृत्य की सज़ा मिलनी चाहिए."
हत्याओं का सिलसिला
अफ़ग़ानिस्तान में हालिया दिनों में कई पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाया गया है.
पिछले महीने मशहूर टेलीविज़न प्रेजेंटर यामा सियावाश की अन्य दो लोगों के साथ हत्या कर दी गई थी.
रेडियो लिबर्टी की रिपोर्टर आलियास दायी को लश्कर गाह में कार बम हमले में मार दिया गया था.
अफ़ग़ानिस्तान की शुरुआती महिला डायरेक्टरों में से एक सबा सहर को काबुल में गोली मार दी गई थी. हालांकि वे इस हमले में बच गईं.
अफ़ग़ानिस्तान में मीडिया को सपोर्ट करने वाला संगठन ने अपने बयान में कहा है, "मलाला की हत्या के साथ ही महिला पत्रकारों के लिए काम करना और मुश्किल भरा हो गया है और पत्रकार अब पहले की तरह से शायद अपना काम नहीं कर पाएंगे."
हिंसा की ये घटनाएं ऐसे वक़्त पर हो रही हैं, जबकि अफ़ग़ान सरकार और तालिबान के बीच दोहा में शांति वार्ता चल रही है.
हालांकि, दोनों पक्षों ने ही कुछ प्राथमिक मसलों पर प्रगति की है, लेकिन अभी तक दोनों पक्षों के बीच युद्ध विराम या सत्ता साझा करने के समझौते पर कोई बातचीत शुरू नहीं हो पाई है.
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