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दक्षिण अफ़्रीका के राजा ने बेटे को कुल्हाड़ी लेकर दौड़ाया
दक्षिण अफ्ऱीका के राजा और नेल्सन मंडेला के भतीजे को महल में कुल्हाड़ी लेकर हंगामा करने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है.
किंग बुयेलेखाया दालिंदयेबो बीते साल दिसंबर में परोल पर जेल से बाहर आए थे. शुक्रवार की सुबह वो कुल्हाड़ी लेकर थेंबू रॉयल पैलेस में घुसे.
चश्मदीदों का कहना है कि वो अपने बेटे की तलाश में थे, जिन्हें उनके जेल में रहने के दौरान कार्यवाहक राजा घोषित कर दिया गया था.
शाही प्रवक्ता के मुताबिक़ उनके बेटे किसी तरह खिड़की से कूदकर भागने में कामयाब रहे लेकिन उनकी पत्नी जख़्मी हो गईं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
अपहरण, उत्पीड़न और आगजनी की घटना में दोषी पाए जाने के बाद किंग बुयेलेखाया दालिंदयेबो को 12 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी, लेकिन राष्ट्रपति ने बीते साल कुछ क़ैदियों को जल्द परोल देने का फ़ैसला किया जिसके तहत वो चार बाद जेल से बाहर आए.
साल 1994 में गोरे-अल्पसंख्यक शासन की समाप्ति के बाद किसी भी अपराध में दोषी पाए जाने और जेल जाने वाले वो पहले दक्षिण अफ्ऱीकी शासक थे.
रॉयल फैमिली में काफ़ी तनाव
56 वर्षीय बुयेलेखाया उसी थेंबू समुदाय से आते हैं जिससे दक्षिण अफ्रीका के पहले काले राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला थे.
दक्षिण अफ्ऱीका में सात आधिकारिक तौर पर घोषित शासक हैं जो अलग-अलग जातीय समूहों और समुदायों की अगुआई करते हैं.
जब से किंग बुयेलेखाया जेल से बाहर आए हैं तब से थेंबू रॉयल फैमिली में तनाव का माहौल था. उन्होंने अपने बेटे और कार्यवाहक राजा अज़ेनाथी ज़ेनेलिज्वे दालिंदयेबो से मुलाक़ात करने से भी इनकार कर दिया था.
दक्षिण अफ्ऱीका के सिटी प्रेस पेपर की रिपोर्ट के मुताबिक़, बीते महीने शाही परिवार ने यह तय किया कि अज़ेनाथी को कम से कम एक साल और इस पद पर बने रहना चाहिए.
शाही प्रवक्ता प्रिंस सिगानयेको दालिंदयेबो ने बताया कि किंग बुयेलेखाया शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात के तीन बजे पूर्वी केप प्रांत स्थित पैलेस में घुसे.
उन्होंने सरकारी टीवी चैनल एसएबीसी को बताया, ''वो कुल्हाड़ी और दूसरे धारदार हथियार लेकर घूम रहे थे. वो बैठक वाले एरिया से एक खिड़की तोड़ने में कामयाब रहे और उसी के ज़रिए मुख्य महल तक पहुंचे.''
''वो कार्यवाहक राजा की तलाश में सीढ़ियों से ऊपर जा रहे थे. कुछ लोगों ने उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की इसी दौरान कार्यवाहक राजा एक खिड़की से कूदकर वहां से सुरक्षित भागने में कामयाब रहे.''
प्रिंस ने बताया कि दूसरे लोग भी जान बचाकर इधर-उधर भाग रहे थे.
उन्होंने कहा, ''उन्होंने महल में अफ़रातफ़री मचा दी. उन्होंने राजा के कमरे में तोड़फोड़ शुरू कर दी. कई गोपनीय दस्तावेजों को बाहर इधर-उधर फेंक दिया.''
घटना के वीडियो फुटेज में दिखाई दिया कि आख़िरकार परेशान होकर किंग बुयेलेखाया महल के बाहर खड़े होकर सिगरेट पी रहे थे और साथ ही पुलिस को चुनौती भी दे रहे थे कि वो उन्हें गिरफ़्तार करके दिखाएं. हालांकि आख़िर में पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.
किंग बुयेलेखाया को साल 2015 में जेल भेजा गया था. उन्हें 1990 के दशक में उत्पीड़न के आरोपों में दोषी पाया गया था.
उन्होंने एक महिला और उसके छह बच्चों को अगवा कर लिया था, उनके घर को आग लगा दी थी और चार युवाओं की पिटाई की थी, जिनमें से एक की मौत हो गई थी. इस सब की वजह ये थी कि उनका एक रिश्तेदार किंग की अदालत में पेश नहीं हो पाया था.
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