अमेज़न के जंगलों में इस साल आग लगने की रिकॉर्ड 75000 घटनाएं

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ब्राज़ील में अमेज़न के वर्षावन में आग की हज़ारों घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है.
कहा जा रहा है कि पिछले एक दशक में अमेज़न के जंगलों में पहली बार इतनी भीषण आग लगी है. देश के उत्तरी राज्य रोरैमा, एक्रे, रोंडोनिया और अमेज़ोनास इस आग से बुरी तरह प्रभावित हैं.
दावा है कि हर मिनट एक फ़ुटबॉल मैदान के बराबर जंगल काटे जा रहे हैं. जनवरी में ब्राज़ील के नए राष्ट्रपति के तौर पर जेयर बोलसोनारो ने सत्ता संभाली थी तब से जंगलों के काटे जाने की घटनाएं तेज़ी से बढ़ी हैं.
धरती को 20 फ़ीसदी ऑक्सीजन ब्राज़ील के वर्षावनों से मिलती है.
हालांकि, सोशल मीडिया पर हैशटैग #PrayforAmazonas से आग की जो तस्वीरें साझा की जा रही हैं उनमें से कुछ दशकों पुरानी हैं या वो ब्राज़ील की हैं भी नहीं.

तो वहां पर असल में क्या हो रहा है और आग की ये घटनाएं कितनी ख़तरनाक़ हैं, आइए एक नज़र डालते हैं.
इस साल आग की घटनाएं बढ़ीं
ब्राज़ील की अंतरिक्ष एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि अमेज़न के वर्षा वन में इस साल रिकॉर्ड आग की घटनाएं हुई हैं.
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च (इनपे) ने अपने सैटेलाइट आंकड़ों में दिखाया है कि 2018 के मुकाबले इसी दरम्यान आग की घटनाओं में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल के शुरुआती आठ महीने में ब्राज़ील के जंगलों में आग की 75,000 घटनाएं हुईं. साल 2013 के बाद ये रिकॉर्ड है. साल 2018 में आग की कुल 39,759 घटनाएं हुई थीं.
जुलाई से अक्टूबर के बीच सूखे मौसम में ब्राज़ील के जंगलों में आग की घटनाएं होना आम बात हैं. यहां प्राकृतिक कारणों से भी आग लगती है लेकिन साथ ही किसान और लकड़ी काटने वाले भी आग लगाते हैं.
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की पर्यावरण विरोधी बयानबाज़ियों के चलते जंगल साफ़ करने की गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है.
पर्यावरण को लेकर लंबे समय से संशय रखने वाले जेयर बोलसोनारो ने गैर सरकार संस्थाओं (एनजीओ) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए खुद ही जंगलों में आग लगाई है.
बाद में उन्होंने कहा कि आग को काबू करने में सरकार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं.
उत्तरी ब्राज़ील बुरी तरह प्रभावित

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आग की घटनाओं का सबसे अधिक प्रभाव उत्तरी इलाक़ों में पड़ा है.
आग की घटनाओं में रोराइमा में 141%, एक्रे में 138%, रोंडोनिया में 115% और अमेज़ोनास में 81% वृद्धि हुई है. जबकि दक्षिण में मोटो ग्रोसो डूो सूल में आग की घटनाएं 114% बढ़ी हैं.

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अमेज़ोनास ब्राज़ील का सबसे बड़ा राज्य है, जहां आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है.
आग से बड़े पैमाने पर धुआं और कार्बन
आग से पैदा हुआ धुएं का विशाल गुबार पूरे अमेज़न में फैल गया है और इससे भी आगे बढ़ रहा है.
यूरोपीय संघ के कॉपर्निकस एटमास्फ़ियर मानिटरिंग सर्विस (कैम्स) के अनुसार, धुआं अटलांटिक कोस्ट तक फैल रहा है. यहां तक कि 2000 मील दूर साओ पाउलो का आसमान धुएं से भर गया है.

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आग से बड़े पैमाने पर कार्बन डाई ऑक्साइड पैदा हो रहा है और कैम्स के अनुसार, इस साल अभी तक 228 मेगाटन के बराबर कार्बन डाई ऑक्साइड पैदा हुई, जोकि 2010 के बाद सर्वाधिक है.
इसके अलावा कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस भी पैदा हो रही है, जोकि ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में लकड़ी के जलने से पैदा होती है.
कैस्म के नक्शे में दिख रहा है कि बहुत ही ज़हरीली कार्बन मोनो ऑक्साइड दक्षिणी अमरीका के तटीय इलाकों से आगे जा रही है.
वनस्पति और जीव जंतुओं की 30 लाख प्रजातियों और 10 लाख मूलनिवासियों के आवास वाले अमेज़न बेसिन जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं, क्योंकि इसके जंगल हर साल लाखों टन कार्बन उत्सर्जन को सोख लेते हैं.
लेकिन जब पेड़ काटे या जलाए जाते हैं, उनके अंदर जमा हुआ कार्बन वायुमंडल में चला जाता है और वर्षावन की कार्बन अवशोषण की क्षमता भी जाती रहती है.

इस आग से दूसरे देश भी प्रभावित
अमेज़न बेसिन के अन्य देशों में भी इस साल आग की घटनाएं बढ़ी हैं. इसमें वेनेज़ुएला दूसरे नंबर पर है जहां आग की 2600 घटनाएं सामने आई हैं, जबकि आग की 17000 घटनाओं के साथ बोलीविया तीसरे नंबर पर है.
देश के पूर्वी हिस्से में आग बुझाने के लिए बोलीविया की सरकार ने आग बुझाने वाले एयर टैंकरों को किराए पर लिया है. यहां आग अभी तक छह वर्ग किलोमीटर में फैल चुकी है.
इलाके में अतिरिक्त राहत और बचावकर्मी भेजे गये हैं और आग से बचकर निकलने वाले जानवरों के लिए अभ्यारण्य बनाए जा रहे हैं.
(माइक हिल्स, लूसी रोजर्स और नासोस स्टाइलियानू)
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