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भारत ने कहा पाकिस्तानी विदेश मंत्री का कार्रवाई का दावा बेतुका
भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को बेतुका बताया है कि भारत इस महीने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक और कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने दावा किया था कि पाकिस्तान के पास ऐसी विश्वसनीय ख़ुफ़िया जानकारी है कि भारत 16 से 20 अप्रैल के बीच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ फिर से कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "भारत पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और बेतुके बयान को ख़ारिज करता है जिसका मक़सद क्षेत्र में युद्ध का उन्माद फैलाना है. ऐसा लगता है कि उसकी ये हरकत पाकिस्तान-स्थित आतंकवादियों को ये संदेश देने के लिए है कि वो भफारत में एक आंतकी हमला करें."
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को बजाय ऐसे उन्मादी बयान देने के अपने सभी इलाक़ों में सक्रिय आतंकवादी तत्वों के ख़िलाफ़ विश्वसनीय क़दम उठाना चाहिए.
प्रवक्ता ने कहा, "पाकिस्तान को सलाह दी गई है कि वो सभी कूटनीतिक और डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन) माध्यमों के ज़रिए संभावित आतंकी हमलों से जुड़ी विश्वसनीय ख़ुफ़िया जानकारियों को साझा करे."
प्रवक्ता ने कहा कि भारत किसी भी सीमापार आतंकी हमले का सख्त और निर्णायक जवाब देने का अधिकार रखता है.
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने दावा किया था कि पाकिस्तान के पास 'विश्वसनीय ख़ुफ़िया जानकारी' है कि भारत अप्रैल के तीसरे हफ़्ते में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक और सैन्य कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है.
पंजाब के मुल्तान शहर में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "तैयारियाँ हो रही हैं, और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक और हमला होने की संभावना है. हमारी इत्तला के मुताबिक़ 16-20 अप्रैल के बीच ये कार्रवाई की जा सकती है".
उन्होंने कहा, "एक नया नाटक रचाया जा सकता है, और जम्मू कश्मीर में एक नया वाक़या कराया जा सकता है, पुलवामा जैसा, और उसका मक़सद उसकी आड़ में पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाना और अपनी कार्रवाई को जायज़ ठहराने के लिए बुनियाद बनाना हो सकता है."
क़ुरैशी ने कहा कि ये जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान ने फ़ैसला किया कि इस बारे में ना केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बल्कि पाकिस्तान की जनता को भी सूचित कर दिया जाए.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों को पहले ही सूचित कर दिया है.
उन्होंने कहा,"आज से दो दिन पहले विदेश सचिव ने इस्लामाबाद में मौजूद पाँचों देशों के राजदूतों को बुलाया और उन्हें बताया कि हमारे पास ये जानकारी आई है और ये नया मंसूबा बनाया जा रहा है. हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस ग़ैर-ज़िम्मेदार बर्ताव पर ग़ौर करे और भारत को फटकार लगाए."
इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फ़ैसल ने ट्वीट किया है कि विदेश मंत्री की प्रेस ब्रीफ़िंग के बाद इस्लामाबाद में भारत के उप-उच्चायुक्त को भी तलब किया गया और उन्हें किसी भी दुस्साहस से बचने की सलाह दी गई.
'टारगेट पहले से तय'
उन्होंने मीडिया में आई कुछ रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा,"अभी हाल ही में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई थी जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की थी. उसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे जिन्होंने कहा कि वो पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए तैयार हैं, हमें राजनीतिक मंज़ूरी चाहिए. तो वज़ीर-ए-आज़म मोदी ने कहा - हमने तो आपको पहले ही फ़्री-हैंड दे रखा है."
उन्होंने कहा, "अधिकारियों ने मोदी को बताय़ा कि उन्होंने टारगेट तय कर रखे हैं जो सैन्य स्तर के हैं. और ज़रूरी नहीं कि वो निशाने आज़ाद कश्मीर और जम्मू कश्मीर तक ही सीमित हों, वे कश्मीर के बाहर भी हो सकते हैं."
क़ुरैशी ने कहा कि मीडिया की इन रिपोर्ट्स पर भारतीय अधिकारियों ने कोई सफ़ाई जारी नहीं की, और ना ही इसका खंडन किया गया और ये ग़ौर की बात है कि इस तरह की भड़काऊ बातों से तनाव नए स्तर पर ले जाएगा.
एक सवाल के जवाब में क़ुरैशी ने कहा कि मोदी सरकार ने राजनीतिक मक़सद से पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता को ताक पर डाल दिया है.
क़ुरैशी ने साथ ही कहा,"पाकिस्तान कल भी अमन का कायल था, आज भी है, मगर किसी भी किस्म की कार्रवाई का जवाब देने का हक़ अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत हमें भी है."
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