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मोदी सरकार को हम दिखाएंगे अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है: इमरान ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि वो नरेंद्र मोदी सरकार को बताएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह बर्ताव किया जाता है.
पंजाब सूबे के लाहौर शहर में इमरान ख़ान ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार ये सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार मिलें, जो देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी लक्ष्य था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इमरान ख़ान ने लाहौर में शनिवार को कहा, ''मोदी सरकार को हम दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे पेश आते हैं....भारत में भी लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ बराबरी का बर्ताव नहीं किया जा रहा है.''
इमरान ख़ान ने कहा है कि कमज़ोर के साथ न्याय नहीं हुआ तो ये बढ़ता ही जाएगा. एक उदाहरण देते हुए इमरान ख़ान ने कहा, ''पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिए गए जो बांग्लादेश बनने की मुख्य वजह रही.''
पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल देश है, जहां हिंदू सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी हैं. यहां की कुल जनसंख्या में क़रीब 1.6 प्रतिशत हिंदू हैं.
लेकिन दक्षिणी तटीय शहर कराची और लाहौर और फ़ैसलाबाद शहरों में ईसाइयों की भी अच्छी-ख़ासी आबादी है.
भारत के बंटवारे से पहले आज का पाकिस्तान विविध संस्कृतियों और धर्मों वाला इलाक़ा था. लेकिन हाल के दशकों में पाकिस्तान का इस्लामीकरण हुआ है और समाज भी अधिक इस्लामिक हुआ है. इससे देश में असहिष्णुता भी बढ़ी है.
कभी पाकिस्तान के शहरों में अल्पसंख्यकों की तादाद 15 फ़ीसदी तक थी. अब ये घटकर चार फ़ीसदी ही रह गई है.
नसीरुद्दीन शाह का बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का ये बयान ऐसे समय आया है जब भारत में जानेमाने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भीड़ के हाथों होने वाली हिंसा को लेकर अपनी चिंता जता चुके हैं, जिसकी काफी चर्चा हो रही है.
हालांकि इसकी वजह से नसीरुद्दीन शाह की काफी आलोचना भी हुई है. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा में एक पुलिस अधिकारी के मारे जाने के कई दिनों बाद नसीरुद्दीन शाह ने चिंता जताते हुए कहा था कि 'ज़हर तो पहले ही फैल चुका है जिसे रोकना मुश्किल होगा.'
इस बयान के आने के बाद हिंदूवादी संगठनों के विरोध की वजह से अजमेर लिटरेचर फ़ेस्टिवल में नसीरुद्दीन शाह का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया.
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