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सोमालिया में अमरीकी हवाई हमले में अल-शबाब के 62 लड़ाके मारे गए
अमरीकी सेना का कहना है कि सोमालिया में उसके छह हवाई हमले में इस्लामिक समूह अल-शबाब के 62 लड़ाके मारे गए हैं.
शनिवार को हुए चार हवाई हमले में 32 लड़ाके मारे गए थे और रविवार को हुए दो अन्य हवाई हमले में 28 लड़ाके मारे गए.
नवंबर 2017 से सोमालिया में ऐसे हवाई हमले किए जा रहे हैं. अमरीका का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 100 लड़ाके मारे गए हैं.
अमरीका में डोनल्ड ट्रंप के आने के बाद से सोमालिया में ऐसे कई हमले हुए हैं. ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन जर्नलिज़म के आंकड़ों मुताबिक़ 2017 में शुरू हुए इन हमलों में कम से कम 400 लोग मारे गए हैं.
यह आंकड़ा पिछले 10 सालों में मारे गए लोगों से भी ज़्यादा है. अमरीका का जिबुती में बड़ा सैन्य ठिकाना है और ये हमले यहीं से किए जा रहे हैं.
ट्रंप ने मार्च 2017 में अमरीकी सेना को सोमालिया में चरमपंथियों पर हमले की पूरी छूटी दे दी थी. 1993 में मोगादिशु में चरमपंथियों से लड़ते हुए 18 अमरीकी सैनिक मारे गए थे और इसके बाद से अमरीका पारंपरिक रूप से अमरीका सोमालिया में सैन्य कार्रवाई से बचता रहा है.
सोमालिया का संकट
अमरीकी सैनिकों का कहना है कि इन हमलों में किसी आम नागरिक की जान नहीं गई है क्योंकि सोमाली सरकार के समन्वय से ये हमले किए गए हैं.
यूएस-अफ़्रीका कमांड का कहना है कि वो सोमालिया में अल-शबाब का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगा. अल-शबाब का अल-क़ायदा से संबंध रहा है.
इन हमलों को लेकर अल-शबाब की कोई टिप्पणी नहीं आई है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि सोमालिया में इन हमलों को देखते हुए अल-शबाब अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर हुआ है. अल-शबाब ने सैन्य ठिकानों पर हमला करना कम कर दिया है और अब सरकारी कार्यालयों को निशाने पर ले रहा है.
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