बच्चों को 'बलात्कार देखने के लिए' विवश किया जा रहा है

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि दक्षिण सूडान में औरतों के साथ ना केवल बलात्कार किया जाता है, बल्कि उनके बच्चों को अपनी मां के साथ बलात्कार होता देखने के लिए विवश भी किया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार जांचकर्ताओं की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण सूडान में 40 ऐसे अधिकारी हैं जो युद्ध अपराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए ज़िम्मेदार हो सकते हैं.

इनमें से पांच कर्नल स्तर के अधिकारी हैं जबकि तीन स्टेट गवर्नर्स हैं. इन अधिकारियों के नाम ज़ाहिर नहीं किए गए हैं लेकिन आने वाले दिनों में सुनवाई के लिए उनके नाम ज़ाहिर किए जा सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कुछ पीड़ित लोगों की गवाही से ये पता चला है कि उन्हें अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ बलात्कार करने के लिए विवश किया गया है.

यौन हिंसा चरम पर

एक महिला ने यहां तक बताया है कि उनके 12 साल के बेटे को जीवित रहने के लिए अपनी दादी के साथ सेक्स करने के लिए विवश किया गया.

दक्षिण सूडान में मानवाधिकार आयोग की प्रमुख यास्मिन सूक का कहना है कि यहां यौन हिंसा चरम पर है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि नागरिकों को प्रताडि़त किया गया है, उनके शवों को क्षत-विक्षत किया गया है और गांवों को बड़े पैमाने पर तबाह किया गया है.

दक्षिण सूडान में सरकार के धड़ों के बीच संघर्ष जारी है जबकि साल 2015 में एक शांति समझौते पर दस्तख़त किए जा चुके हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)