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हम लड़ाई को इराक़ तक ले जाएंगे: तुर्की
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तेयेप अर्दोआन का कहना है कि वो सीरिया में चल रही कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ लड़ाई को पूर्व में इराक़ तक ले जाएंगे.
अंकारा में बोलते हुए अर्दोआन ने कहा कि उनकी सेनाएं कुर्दों के नियंत्रण वाले मनबिज को पार करते हुए आगे बढ़ जाएंगी.
अमरीका कुर्द बलों का समर्थन कर रहा है. तुर्की के इस क़दम से अमरीका के साथ झड़प का ख़तरा बढ़ गया है.
कुर्द बलों ने साल 2016 में इस शहर को इस्लामिक स्टेट से छीना था और यहां अमरीकी बल भी स्थित हैं.
तुर्की ने बीते सप्ताह कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ अपना अभियान शुरू किया है.
किस बात को लेकर है विवाद?
तुर्की की सेना को सीरियाई विद्रोहियों का समर्थन हासिल है. तुर्क बलों ने कुर्दिश पीपल्स प्रॉटक्शन यूनिट (वाईपीजी) को क्षेत्र से खदेड़ने के घोषित लक्ष्य के साथ आफ़रीन क्षेत्र में हमला बोला है.
तुर्की वाईपीजी को अपने देश में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) का ही हिस्सा मानता है. पीकेके दक्षिण पूर्वी तुर्की में स्वायत्ता हासिल करने के लिए तीन दशकों से संघर्ष कर रही है.
तुर्की के इस सैन्य अभियान का असर अमरीका से रिश्तों पर पड़ रहा है.
अमरीका इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ाई में वाईपीजी का समर्थन करता रहा है.
जारी रहेगा अभियान
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने अपनी एके पार्टी की एक बैठक के बाद कहा है कि वो कि वो ऑपरेशन ऑलिव ब्रांच को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा कि 'जब तक इराक़ तक हमारी सीमा पर कोई आतंकवादी नहीं रहेगा ये अभियान तब तक चलेगा.'
उन्होंने कहा कि आफ़रिन के साफ़ हो जाने के बाद 'जैसा कि हमने वादा किया है हम मनबिज को भी आतंकवादियों से साफ़ कर देंगे.'
मनबिज आफ़रीन से सौ किलोमीटर पूर्व में वाईपीजी के नियंत्रण वाले इलाक़े में है. यह मुख्यतः अरब शहर आफ़रीन से एक ऐसे क्षेत्र से बंटा है जिसे 2016 में इस्लामिक स्टेट से तुर्की समर्थक विद्रोही बलों ने क़ब्ज़ा लिया था.
वहीं मनबिज में मार्च 2017 के बाद से अमरीकी सैनिक भी मौजूद हैं. तब अमरीका ने तुर्की को वाईपीजी से शहर छीनने से पीछे हटा दिया था और वाईपीजी को फ़रात नदी के पूर्व में जाने के लिए मना लिया था.
हालांकि तुर्की का कहना है कि वाईपीजी बल कभी भी फ़रात नदी के पूर्व में नहीं गए.
तुर्की की सीरिया से लगी दक्षिण-पूर्वी सीमा 870 किलोमीटर लंबी है जो पश्चिम में भूमध्यसागर से शुरू होकर पूर्व में इराक़ तक जाती है.
इस सीमा का करीब 700 किलोमीटर लंबा हिस्सा कुर्दों के नियंत्रण में है.
हज़ारों लोग भागे
तुर्की और अमरीका के बीच ताज़ा तनाव तुर्की के इस नए अभियान के बाद शुरू हुआ है. पूर्व में कुर्द नियंत्रण क्षेत्र में तुर्की का कोई भी सैन्य अभियान अमरीका की परीक्षा भी होगा. अमरीका वाईपीजी का समर्थन करता रहा है और उसे हथियार भी मुहैया कराता रहा है.
बीते ढाई सालों से वह सीरिया में वाईपीजी के नेतृत्व वाली सीरियन डेमक्रैटिक फ़ोर्सेज़ (एसडीएफ़) के साथ मिलकर इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ भी रहा है.
तुर्की के हमले के सातवें दिन आफ़रीन के नज़दीक झड़पें जारी हैं. हालांकि ख़राब मौसम के कारण लड़ाई बहुत ज़्यादा तेज़ नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक ताज़ा संघर्ष की वजह से कम से कम पांच हज़ार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं.
तुर्की का कहना है कि इस अभियान में उसके चौदह सैनिक और समर्थक लड़ाके मारे जा चुके हैं. जबकि ब्रिटेन स्थित संगठन सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि 58 तुर्की समर्थक लड़ाके और 53 एसडीएफ़/वाईपीजी लड़ाके मारे जा चुके हैं.
हालांकि तुर्की का दावा है कि अब तक तीन सौ से अधिक कुर्द समर्थक लड़ाके मारे जा चुके हैं.
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