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सऊदी अरब: पुरुषों का फुटबॉल मैच, महिलाओं ने बनाया इतिहास
सऊदी अरब में शुक्रवार को पहली बार महिलाओं ने दर्शक दीर्घा में बैठकर फुटबॉल का एक मैच देखा.
जेद्दाह के एक स्टेडियम में मैच देखने के लिए महिला फैन्स भी पहुंचीं. वे 'फैमिली गेट' से स्टेडियम में दाख़िल हुईं और 'फैमिली सेक्शन' में ही बैठकर मैच का लुत्फ़ लिया.
सऊदी अरब के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था. यहां दशकों से महिलाओं पर कई क़िस्म की पाबंदियां रही हैं, जिनमें से कुछ को हाल के दिनों में हटाया गया है.
महिलाओं के लिए कार शोरूम भी
इस महीने कुल तीन स्टेडियमों में जाकर सऊदी महिलाएं मैच देख सकेंगी.
यह उन तमाम सामाजिक सुधारों की कोशिशों में से एक है, जो क्राउन प्रिंस मोहम्मद सलमान की अगुवाई में किए जा रहे हैं.
शुक्रवार को ही सऊदी अरब में एक और परिवर्तन हुआ. जेद्दाह में ही पूरी तरह महिला ग्राहकों के लिए समर्पित देश का पहला कार शोरूम खोला गया.
इसी साल जून महीने से महिलाओं को पहली बार कार चलाने की इजाज़त भी मिल जाएगी. बीते साल सितंबर में यह पाबंदी हटाने का ऐलान किया गया था.
'ऐतिहासिक दिन'
जेद्दाह के स्टेडियम में महिला फैन्स के स्वागत के लिए महिला कर्मचारियों को तैनात किया गया था. महिलाओं ने ज़ोर शोर से अपनी अपनी टीमों का समर्थन किया. महिला प्रशंसकों और कर्मचारियों ने पारंपरिक परिधान अबाया पहन रखा था.
इस दौरान सोशल मीडिया पर जो हैशटैग चला उसका अर्थ था, 'लोग स्टेडियमों में महिलाओं के प्रवेश का स्वागत करते हैं.' इस हैशटैग से सिर्फ दो घंटों में दसियों हज़ार संदेश लिखे गए.
जेद्दाह की रहने वाली 32 वर्षीय फुटबॉल फैन लामया ख़ालिद नासिर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि उन्हें इस पर गर्व है और वह मैच को लेकर उत्साहित हैं.
उन्होंने कहा, "साफ है कि हम बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं. मैं इस बड़े बदलाव की गवाह बनकर ख़ुश हूं."
जेद्दाह की ही रुवायदा अली क़ासिम ने कहा कि सऊदी अरब बुनियादी बदलावों के चरम पर है और यह सऊदी राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन है.
सऊदी में सख़्त हैं महिलाओं के लिए नियम
सऊदी सरकार ने पिछले हफ़्ते बताया था कि महिलाएं शनिवार और अगले गुरुवार को होने वाले मैच देखने भी पहुंच सकेंगी.
सऊदी अरब का शाही परिवार और धार्मिक प्रतिष्ठान 'वहाबियत' का पालन करता है, जिसमें महिलाओं के लिए इस्लामी नियम काफी सख़्त हैं.
सऊदी अरब में महिलाओं को अकेले सफ़र करने की इजाज़त नहीं है. इस दौरान उनके साथ परिवार का एक पुरुष सदस्य होना ज़रूरी है. ज़्यादातर रेस्तरां और कैफे में दो सेक्शन होते हैं. एक पुरुषों के लिए और दूसरा परिवारों के लिए. महिलाओं को परिवारों वाले सेक्शन में ही पति या परिवार के साथ बैठने की इजाज़त होती है.
सऊदी अरब में अब भी महिलाएं अपने परिवार के पुरुषों की रज़ामंदी के बिना ये काम नहीं कर सकतीं:
- पासपोर्ट के लिए आवेदन
- विदेश यात्रा
- शादी
- बैंक खाता खोलना
- कुछ ख़ास क़िस्म के व्यापार शुरू करना
हाल के सुधार आधुनिकीकरण की उस बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने राज्य को कुछ उदार बनाने के मक़सद से शुरू किया है.
दिसंबर में ही सिनेमा पर दशकों पुरानी पाबंदी भी हटा ली गई थी, ताकि क्राउन प्रिंस के विज़न के लिहाज़ से मुल्क़ के मनोरंजन उद्योग में तेज़ी लाई जा सके.
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