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ट्रंप के पूर्व सहयोगी माइकल फ्लिन ने FBI से बोला था झूठ
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ़्लिन ने एफ़बीआई के सामने ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से कुछ सप्ताह पहले रूसी राजदूत से मुलाक़ात के बारे में झूठ बोलने के आरोप स्वीकार कर लिए हैं.
आरोप के मुताबिक़, माइकल फ़्लिन ने व्हाइट हाउस को रूसी राजदूत के साथ अपनी मुलाक़ात के बारे में गुमराह किया. यह मुलाक़ात डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने से पहले हुई थी.
मुलाक़ात की जानकारी सामने आने के बाद फ़्लिन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
फ़्लिन और रूसी राजदूत की मुलाक़ात का खुलासा रॉबर्ट म्यूलर की जांच के दौरान हुआ.
विशेष वकील म्यूलर 2016 के अमरीकी चुनाव में रूस के तथाकथित दखल की जांच कर रहे हैं.
माइकल फ़्लिन शुक्रवार को अदालत में पेश हुए. उन्होंने बताया कि वो म्यूलर की जांच में सहयोग कर रहे हैं.
ट्रंप प्रशासन के एक और शीर्ष व्यक्ति का नाम
माना जा रहा है कि अभियोजकों के सामने दिए गए बयान में फ्लिन ने ट्रंप प्रशासन के एक और शीर्ष व्यक्ति का नाम लिया है. इससे म्यूलर की जांच किस दिशा में जाएगी इस बात के संकेत मिले हैं.
एनबीसी, ब्लूमबर्ग और वाशिंगटन पोस्ट जैसे अमरीकी मीडिया समूहों ने अपनी रिपोर्टों में वरिष्ठ अधिकारी को ट्रंप के दामाद और सलाहकार जैरेड कुशनर बताया है.
वॉशिंगटन डीसी में अदालती कार्रवाई शुरू होने से पहले दो अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि फ़्लिन ने एफ़बीआई के सामने आत्मसमर्पण किया था.
फ्लिन के अलावा और भी लोगों पर उठे हैं सवाल
अदालत के सामने पेश होते हुए फ़्लिन ने जानबूझकर झूठ बोलने और फर्ज़ी बयान देने के आरोप स्वीकार किए.
अदालत में मौजूद एएफ़पी के एक रिपोर्टर के मुताबिक अदालत ने फ़्लिन का कबूलनामा स्वीकार कर लिया है और अब उन पर मुक़दमा नहीं चलाया जाएगा.
फ़्लिन ट्रंप सरकार के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं जिन पर रॉबर्ट म्यूलर की जांच में आरोप लगाया गया है.
हालांकि फ़्लिन ट्रंप के अकेले ऐसे सहयोगी नहीं हैं जिन पर सवाल उठाए गए हैं.
अक्तूबर में पॉल मानाफ़ोर्ट पर आरोप लगा था कि उन्होंने यूक्रेन के साथ सौदे में पैसे की हेराफेरी की. पॉल राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के प्रचार का काम देखते थे.
इसके अलावा एक और पूर्व सहयोगी जॉर्ज पापाडोपोलस ने भी एफ़बीआई के सामने झूठा बयान देने का आरोप स्वीकारा था.
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