You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ज़िम्बाब्वे: सबसे उम्रदराज़ राष्ट्रपति मुगाबे 'नज़रबंद'
दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा ने कहा है कि ज़िम्बाब्वे की सेना ने राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को राजधानी हरारे में नज़रबंद किया गया है
दक्षिण अफ़्रीकी नेता के दफ़्तर के मुताबिक राष्ट्रपति मुगाबे ने उन्हें फ़ोन कर बताया कि वो सुरक्षित हैं.
सरकारी टीवी पर कब्ज़े के बाद सेना राजधानी हरारे में गश्त लगा रही है. सेना का कहना है कि वो 'अपराधियों' को निशाना बना रही है.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि सैन्य कार्रवाई का मक़सद शायद राष्ट्रपति मुगाबे को हटाकर उनके डिप्टी इमरसन मनंगावा को सत्ता पर बिठाना है.
मनंगावा को राष्ट्रपति मुगाबे ने पिछले हफ्ते बर्ख़ास्त कर दिया था और उसके बाद बदले सियासी माहौल में मुगाबे की पत्नी ग्रेस ही उनकी संभावित उत्तराधिकारी रह गई थीं.
तेज़ी से बदलते राजनीतिक के बीच हरारे में गोलीबारी की आवाज़ें सुनी जा रही हैं.
ज़िम्बाब्वे की साल 1980 में ब्रिटेन से आज़ादी मिली थी और उसके बाद से ही रॉबर्ट मुगाबे आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे देश के राष्ट्रपति हैं.
ब्रिटेन के विदेश विभाग ने हरारे में मौजूद ब्रितानियों को सलाह दी है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते वो अपने घरों में ही रहें.
ऐसी ही सलाह अमरीका ने भी अपने नागरिकों को दी है.
चीन ज़िम्बाब्वे का सबसे बड़ा कारोबार सहयोगी है. चीन का कहना है कि वो ज़िम्बाब्वे के हालात पर नज़र रख रहा है और उम्मीद करता है कि संबंधित पक्ष देश की आंतरिक स्थितियों को सही तरीके से संभाल लेंगे.
सैन्य कार्रवाई
इससे पहले ज़िम्बाब्वे में सत्तारूढ़ पार्टी ज़नू पीएफ़ ने ट्विटर पर दावा किया है कि एक रक्तहीन कार्रवाई के बाद सेना ने सत्ता का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को हिरासत में ले लिया गया है.
सरकारी टेलीविज़न ज़ेडबीएमसी पर कब्ज़े के बाद सेना के एक प्रवक्ता ने घोषणा की कि सेना मुगाबे के उन करीबी लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई कर रही है जो 'सामाजिक और आर्थिक' समस्याओं के लिए ज़िम्मेदार हैं.
सैनिक यूनिफ़ॉर्म में एक जनरल ने टेलीविज़न पर पढ़े गए एक बयान में इस बात से इनकार किया है कि ये तख़्तापलट की कार्रवाई है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज़िम्बॉब्वे में जो कुछ हो रहा है उसमें एक तख़्तापलट के सभी गुण हैं.
ज़िम्बॉब्वे संकट: जो बातें अभी तक पता हैं
- सैनिकों ने ज़िम्बॉब्वे के नेशनल ब्रॉडकास्टर के मुख्यालय पर कब्ज़ा कर लिया है. राजधानी हरारे में तनाव के माहौल के बीच धमाके और गोलीबारी की आवाज़ें सुनी गई हैं.
- दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा ने कहा है कि राष्ट्रपति मुगाबे सुरक्षित हैं. उन्हें मुगाबे ने फ़ोन पर ये जानकारी दी.
- टीवी पर सेना के एक जनरल ने आकर जोर देते हुए कहा कि ज़िम्बॉब्वे में कोई सैनिक तख़्तापलट नहीं हुआ है और राष्ट्रपति मुगाबे और उनका परिवार सुरक्षित है.
- हरारे से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक़ संसद और सत्तारूढ़ ज़नू-पीएफ़ पार्टी के मुख्यालय की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है.
- इससे पहले राजधानी हरारे में राष्ट्रपति मुगाबे के निजी आवास के पास भी गोलियां सुनी गई हैं. सेना की तरफ़ से मुगाबे और उनके परिवार को सुरक्षा की गारंटी दी गई है.
- सेना ने तख़्तापलट की बात से इनक़ार करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति के इर्द-गिर्द मौजूद अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है.
क्या ये तख्तापलट है?
बीबीसी अफ़्रीका के संवाददाता एंड्रयू हार्डिंग ने ज़िम्बॉब्वे के घटनाक्रम को एक बड़ा दांव करार दिया है.
उनका कहना है, "ये याद रखना ज़रूरी है कि मुगाबे को पश्चिमी देशों से कोई चुनौती नहीं मिल रही थी जिन्हें वो दशकों से चुनौती दे रहे थे. न तो ज़िम्बाब्वे का राजनीतिक विपक्ष और न ही आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों ने उन्हें कोई चुनौती दी थी."
बीबीसी संवाददाता के अनुसार, "ये बुनियादी रूप से ज़िम्बाब्वे की सत्तारूढ़ ज़नू-पीएफ़ पार्टी का अंदरूनी सत्ता संघर्ष है. इस संघर्ष में जो भी विजेता बनकर उभरेगा पार्टी उसके सामने नतमस्तक हो जाएगी."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)