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जिनपिंग के साथ ये 6 चलाएंगे चीन की सत्ता
- Author, प्रतीक जाखड़
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने चीन के नेतृत्व की ज़िम्मेदारी मौजूदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत सात अन्य नेताओं पर डाली है. ये सातों पार्टी की स्थाई समिति के सदस्य रहेंगे जो पोलितब्यूरो और केंद्रीय समिति जैसी संस्थाओं से भी ऊपर है.
64 वर्षीय राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा 62 वर्षीय प्रीमियर ली कचियांग ही ऐसे सदस्य हैं जो नई समिति में भी अपनी जगह बनाए रखने में सफल हुए हैं.
जानिए कौन हैं चीन के वो नए नेता जो चीन का नेतृत्व करेंगे-
शी जिनपिंग
शी जिनपिंग को चीन के सर्वोच्च नेता और साल 2022 तक पार्टी का चेयरमैन बनाया गया है. जिनपिंग को चीन के केंद्रीय सेना आयोग का अध्यक्ष भी बनाया गया है.
जिनपिंग ने अपने पहले कार्यकाल में पार्टी पर अपना प्रभुत्व कायम किया है. हाल ही में संपन्न हुई कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की विचारधारा को संविधान में शामिल किए जाने से भी जिनपिंग की धमक सुनाई दी है.
पार्टी ने अपने इस कदम से संविधान में पूर्व चीनी नेताओं माओ त्सेतुंग और देंग ज़ियाओपिंग के बाद जिनपिंग का नाम भी शामिल कर लिया है.
साल 1953 में बीजिंग में पैदा होने वाले शी जिनपिंग ने चिंग ख्वा यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद 1974 में वे कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने.
चीन के ख़्बे, फूजीअन और जजिआंग में काम करने के बाद साल 2007 में जिनपिंग को शंघाई पार्टी अध्यक्ष बनाया गया था. इसके साथ ही उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामले से निपटने का काम दिया गया था.
उपनाम 'राजकुमार' से चर्चित शी जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी के एक शीर्ष नेता के बेटे हैं. जिनपिंग के पिता को पार्टी से निकाल दिया गया था.
ली कचियांग
जिनपिंग के बाद, ली कचियांग चीन के दूसरे सबसे ताकतवर नेता के रूप में अपनी जगह कायम रखने में सफल हुए हैं. 62 साल के ली कचियांग साल 2007 से स्थाई समिति के सदस्य रहे हैं और दो बार उप-प्रधानमंत्री का पद संभाल चुके हैं.
कचियांग ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल में सीमित भूमिका निभाई जबकि वह चीन के दूसरे सबसे ताकतवर नेता थे.
साल 2015 में हुए चीन के स्टॉक मार्केट क्रैश के लिए उनकी निंदा की जाती है.
कचियांग ने पेकिंग यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र विषय में डॉक्टरेट की डिग्री ली है. ऐसा कहा जाता है कि कचियांग को पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ का समर्थन हासिल है क्योंकि दोनों ही नेता पार्टी के "युवा लीग" गुट से आते हैं.
ली जनशू
साल 2012 में पोलितब्यूरो में पहुंचने वाले ली जनशू ने साल 2012 में जिनपिंग के खास प्रतिनिधि के रूप में रूस की यात्रा की थी.
जनशू ने रूस और चीन के बीच मजबूत रिश्ते कायम रखने में अहम भूमिका निभाई है.
वांग यांग
वांग यांग के उप प्रधानमंत्री बनने की संभावना है जो वित्तीय और आर्थिक नीतियों को देखेंगे. पद ग्रहण करने तक वह स्टेट काउंसिल के चार उप प्रधानमंत्रियों में से एक के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे.
62 साल के वांग वांग अब तक दो बार पोलितब्यूरो के सदस्य रह चुके हैं.
वांग ने चीनी-अमरीकी रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाई है और वह वार्षिक अमरीकी-चीनी रणनीतिक और आर्थिक डायलॉग का नेतृत्व करते हैं.
वांग हनिंग
वांग को शी जिनपिंग का करीबी और चीन का 'किसिंगर' कहा जाता है. वांग हाल में तीन पूर्व पार्टी नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं.
फूदान यूनिवर्सिटी से पढ़ने वाले वांग की चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधाराओं को बनाने में भूमिका रही है.
जाओ ल्जी
60 साल के जाओ ल्जी कमिटी के सबसे युवा सदस्य हैं और पार्टी की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
नई ज़िम्मेदारी संभालने तक जाओ पार्टी के ताकतवर संगठन विभाग की ज़िम्मेदारी संभालेंगे जिनके हाथों में अधिकारियों का प्रमोशन करने का अधिकार होता है.
खान जंग
खान इस समय शंघाई शाखा का नेतृत्व कर रहे हैं और दो बार मेयर की भूमिका निभा चुके हैं.
साल 1954 में पैदा होने वाले खान ने अपना पूरा राजनीतिक जीवन शंघाई में बिताया है. वो शी जिनपिंग जैसे नेताओं के लिए लॉन्चिंग पैड की भूमिका निभा चुका है.
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