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ब्लॉग: चूहों से बनाकर रखिए जनाब...
- Author, वुसतुल्लाह ख़ान
- पदनाम, पाकिस्तान से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
बिहार में जल संसाधन विभाग के लल्लनटॉप मंत्री लल्लन सिंह ने ये कहकर क्या गलत किया कि इस बार बारिश के कारण नदियों के तटबंध टूटने से जो बाढ़ आई, उसका असल कारण ये है कि चूहों ने तटबंध में छेद कर दिए थे.
सुराख यूं कर दिए कि किसान इन तटबंधों पर मचान बनाकर अपना अनाज रखते हैं और चूहे इस अनाज तक पहुंचने के चक्कर में बांध खोद डालते हैं.
मगर लल्लन सिंह चूहों पर इलज़ाम लगाते वक़्त ये भी भूल गए कि इन चूहों ने नीतीश कुमार की शराबबंदी की योजना में अब तक कितनी मदद की है.
पुलिस ने एक साल में जो नौ लाख लीटर शराब पूरे राज्य में ज़ब्त करके थानों में रखी थी, अगर ये सारी शराब चूहे न पी जाते तो फिर पुलिसवाले पी जाते या ब्लैक में बेच देते.
चूहों की कारीस्तानी
चूहों के शराब सुड़कने की गवाही ख़ुद बिहार के पुलिसकर्मियों ने दी है. इसका मतलब है- शराबंदी का जिहाद, पुलिस और चूहे साथ-साथ. इन चूहों को हल्के में मत लीजिए.
नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मद बुहारी अपनी बीमारी के इलाज के लिए तीन महीने देश से बाहर क्या रहे, चूहों ने उनके दफ़्तर की एक-एक चीज़ कुतर डाली. इन दिनों राष्ट्रपति बुहारी घर में दफ़्तर लगाए बैठे हैं.
नाइजीरिया भी उन देशों में शामिल है जो हैं तो तेल से मालामाल, मगर लोग गरीब हैं. हो सकता है जिन चूहों ने राष्ट्रपति का दफ्तर बर्बाद कर दिया, नाइजीरिया का तेल भी वही पी जाते हों.
चूहों के पेट में...
दुनियाभर में जो अनाज पैदा होता है उसका एक प्रतिशत ये चूहे चट कर जाते हैं. एक अंतरराष्ट्रीय संस्था राइस नॉलेज बैंक का आंकड़ा है कि दक्षिण एशिया में हर साल 25 से 30 फ़ीसदी अनाज चूहों के पेट में चला जाता है.
अनाज और शराब रहे एक तरफ़, जिन चूहों ने तेरहवीं और चौदहवीं सदी में एक चौथाई यूरोपी प्लेग फैलाकर मार डाले, जो चूहे बिजली की तारें कुतरकर पूरी दुनिया में अरबों डॉलर का नुकसान करते हैं, वे चूहे खरबों रुपये का कोयला, 2जी लाइसेंस के काग़ज़, जानवरों का हज़ारों टन चारा, करोड़ों रुपये की तोपें, बलूचिस्तान में तांबे की खदानें, शिक्षा, सेहत और सड़क का आधा बजट और किसी भी देश का आर्थिक भविष्य नहीं कुतर सकते क्या?
चूहों की दौड़...
मुझे हंसी आती है जब आप चूहे जैसी ताकतवर हस्ती का मज़ाक उड़ाते हैं. चूहे की तरह छिप गए, चूहे की तरह भाग गए, बुज़दिल चूहे- बदल लीजिए न अपनी कहावतें.
आपकी दौड़ समय के साथ नहीं, चूहों के साथ हैं. और चूहे इस दौड़ में हमेशा की तरह आज भी आगे हैं.
जिन्होंने गणेश जी की सवारी खींच ली, उनके लिए हम जैसों का उल्लू खींचना क्या मुश्किल?
मेरी तो सलाह है कि चूहों से बनाकर रखिए. आप भी खाइए, उन्हें भी खाने दीजिए. यही तो है राजनीति. टॉम एंड जेरी साथ-साथ.
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