अफ़गानिस्तान: सारीपुल हमले में 50 की मौत

अफ़गानिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक, सारीपुल प्रांत में हुए चरमपंथी हमले में कम से कम 50 आम लोगों की मौत हो गई.

मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

अधिकारियों ने जानकारी दी कि हमलावरों ने सारीपुल प्रांत के मिर्जावालांग क्षेत्र में एक सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया. इस चौकी की निगरानी स्थानीय पुलिस के हाथ में थी.

अधिकारियों के मुताबिक इसके बाद हमलावर एक गांव में दाखिल हुए और शिया मुसलमानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया.

उन्होंने आस-पास के घरों में भी आग लगा दी.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने हमले की निंदा की है.

उन्होंने एक बयान में कहा है, "चरमपंथियों ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों समेत आम लोगों की जान ली है. उनका ये निर्दयतापूर्ण कृत्य मानवाधिकारों का उल्लंघन और युद्ध अपराध है."

प्रांत के एक प्रवक्ता ने बताया , "आम लोगों को बहुत निर्दयी और अमानवीय तरीके से मारा गया."

उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों के सात जवान भी मारे गए और हमलावर भी हताहत हुए.

प्रवक्ता के मुताबिक हमलावरों में तालिबान और इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाके शामिल थे. इनमें कुछ विदेशी लड़ाके भी थे.

तालिबान ने कहा है कि उसने आम लोगों की जान नहीं ली है और उसके लड़ाकों ने क्षेत्र में सरकार के समर्थन वाली मिलीशिया के 28 सदस्यों को मारा है.

अफ़गानिस्तान में हाल के महीनों के दौरान संघर्ष में तेज़ी आई है. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक साल के शुरुआती छह महीनों के दौरान 1662 आम लोगों की मौत हो चुकी है.

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अफगानिस्तान की सेना और पुलिस की मदद करने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने को लेकर विचार कर रहे हैं.

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