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क़तर का संकट दूर करेंगी ये विदेशी गायें
सउदी अरब के नेतृत्व में चल रहे बायकॉट के बीच देश में दूध की आपूर्ति बढ़ाने के लिए क़तर में गायें आयात की जा रही हैं.
दूध देने वाली 165 होलस्टीन गायों की पहली खेप जर्मनी से विमान के द्वारा मंगलवार को क़तर पहुंची है.
क़तर में संकट शुरू होने से पहले ऐसी 4000 गायों को आयात किए जाने का क़रार हुआ था.
गायें क़तर एयरवेज़ से लाई गईं
लेकिन पड़ोसी देशों के संबंध तोड़ लेने से क़तर मुश्किलों में घिर गया. 27 लाख आबादी वाला यह छोटा सा अरब देश अपनी अधिकांश ज़रूरतों के लिए आयात पर निर्भर है.
अभी सउदी अरब की अगुवाई वाले गुट ने, शर्तें न मानने की सूरत में और कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है.
ये गायें क़तर एयरवेज़ कार्गो विमान से लाई गईं, जिन्हें एक नई डेयरी में ले जाया गया है.
क़तर की फ़र्म पॉवर इंटरनेशनल ने इन गायों को ख़रीदा है.
पहले क़तर में कहां से आते थे डेयरी उत्पाद?
कंपनी के चेयरमैन मोताज़ अल-खय्यात ने पिछले महीने ब्लूमबर्ग को बताया था कि एक बार सभी गायें आ जाती हैं तो ये देश की कुल 30 प्रतिशत डेयरी ज़रूरतों को पूरा करेंगी.
जिस नए ब्रांड के तहत इन डेयरी उत्पादों को बेचा जाएगा, उसका नाम है मिस्टर अल-खय्यात.
सउदी अरब, बहरीन, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात की ओर से संबंध तोड़े पांच सप्ताह हो चुके हैं.
बायकॉट से पहले, क़तर में अधिकांश डेयरी उत्पाद सउदी अरब से थल मार्ग से आयात किया जाता था.
अब क़तर व्यापार और खाने पीने की सामनों के लिए नए रास्तों पर विचार कर रहा है.
इसमें दही और सूखे खाने पीने के सामान भी शामिल हैं, जिन्हें तुर्की, मोरक्को और ईरान से मंगाता था.
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