10 करोड़ की लूट और लुटेरा 19 साल तक गायब

- Author, क्लेयर बेट्स
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
वह ब्रिटेन के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों में शामिल था. लेकिन ब्रिटिश एजेंसियों की ताक़तवर गिरफ़्त से 19 साल तक कैसे बचता रहा?
ये कहानी है एडी मार की, जो एक निजी ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसी के ड्राइवर थे और जनवरी 1993 में इंग्लैंड के एक बैंक से 1.6 मिलियन डॉलर की रकम लेकर वैन में फ़रार हो गए थे. आज के समय में इसकी क़ीमत 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा होगी.
इसके बाद एडी ग़ायब हो गए और 19 साल तक ब्रिटिश एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर छिपे रहे.
वो कहां रहे?
पुलिस ने एडी पर 1.3 लाख डॉलर (आज के समय में 84 लाख रुपये) का इनाम घोषित कर दिया था. उन्हें साइप्रस के द्वीपों से लेकर कैरेबियन इलाक़ों तक खोजा गया, लेकिन कोई सुराग़ नहीं मिला.
61 साल के हो चुके एडी कहते हैं, 'अगर आप बेवक़ूफ़ नहीं हैं तो आप खुले आम दिन के उजाले में रह सकते हैं. ज़्यादातर लोग इसलिए पकड़े जाते हैं क्योंकि वे सनकपन की हद तक ख़र्चीले होते हैं.'
एडी ब्रिटेन से लूटा हुआ पैसा लेकर अमरीका चले गए थे, क्योंकि उनके मुताबिक, 'यह एक बड़ा देश है, जहां आप आसानी से लोगों की नज़र में नहीं आते.'

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और परिवार?
लूट के कुछ हफ़्तों बाद एडी ने लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बिज़नेस क्लास के टिकट पर अमरीकी शहर डलास की फ़्लाइट ली.
उनके पास सिर्फ़ एक सूटकेस था, जिसमें लूटे हुए डॉलर तौलियों में लपेटकर रखे गए थे. उनके पास एक फ़र्ज़ी पासपोर्ट था, जिस नाम लिखा था- स्टीफ़न किंग.
इसके कुछ हफ़्ते पहले ही उन्होंने अपनी पार्टनर डेबी ब्रेट और बेटे ली को छुट्टियां मनाने बोस्टन भेज दिया था.
एडी के मुताबिक, जिस गैंग ने उन्हें यह अपराध करने पर मजबूर किया, उन्हें उनका हिस्सा देने के बाद उनके पास 1.6 लाख डॉलर बचे थे. हालांकि पुलिस इस थ्योरी से इनकार करती है कि उन्होंने किसी के दबाव में यह काम किया.
डलास एयरपोर्ट पर वह अपने परिवार से मिले और तब उन्हें बताया कि वे दरअसल भाग रहे हैं.
और उनके नए नाम?
कुछ विकल्प देखने के बाद एडी और डेबी अपने बच्चे के साथ कोलोराडो के वुडलैंड पार्क में बस गए.
इस जगह का सैलानियों से कोई वास्ता नहीं था, इसलिए पहचाने जाने की संभावना कम थी और चूंकि यह तेज़ी से विकास करता शहर था, इसलिए नए चेहरे आसानी से स्वीकार किए जाते थे.

उन्होंने चार कमरों का एक घर ख़रीदा, नकद भुगतान किया और जल्द ही वहां के लोगों में घुल-मिल गए.
उनके बेटे को वहां स्कूल में दाख़िला मिल गए. उन्होंने अपनी पहचान बताई, स्टीफ़न किंग, सारा किंग.
उनकी नई कहानी के मुताबिक, स्टीफ़न एसेक्स के एक डीलर थे, जो अपना बिज़नेस बेचकर यहां पहुंचे थे और सोचते रहे कि अब आगे क्या किया जाए.
जब लोग उनसे ब्रिटेन में उनके दोस्तों और परिवार के बारे में पूछते थे तो उन्हें रटा रटाया जवाब मिलता था, 'वो हाल ही में यहां आए थे और वो दोबारा कभी भी आ सकते हैं.'
एडी कहते हैं, 'वो कहानियां बनाना आसान नहीं था. हर रोज़ झूठ बोलने से मुझे नफ़रत थी. लेकिन कोई विकल्प नहीं था.'
वहां वो क्या करते थे?
डेबी एक नर्सरी में काम करने लगीं और एडी माउंटेन सर्च और रेस्क्यू टीम से जुड़ गए.
एडी ने स्थानीय हवाईअड्डे में दोस्त बना लिए और उनका फ़्यूल ट्रक चलाने के बदले प्लेन उड़ाना सीखने लगे.
बाद में उन्होंने अपना प्लेन ख़रीद लिया. उन्होंने कोलोराडो में ज़िंदग़ी मज़े से गुज़ारी, लेकिन पकड़े जाने का डर भी सताता रहा.

पहचान?
1994 में एडी और डेबी ने फ़र्ज़ी नामों से ही लास वेगस में शादी कर ली. इस तरह उन्हें शादी का सर्टिफ़िकेट मिल गया जिसके सहारे उनकी फ़र्ज़ी पहचान पुख़्ता हो सकती थी.
एडी दशकों से गाड़ी चला रहे थे, फिर भी उन्होंने ड्राइविंग सीखी, ताकि स्टीफ़न किंग के नाम से ड्राइविंग लाइसेंस ले सकें. इसके इस्तेमाल से वह बैंक खाता खुलवा सकते थे.
साथ में उन्होंने बेटे ली का कैलिफ़ोर्निया से बर्थ सर्टिफिकेट बनवा लिया और उसके सोशल सिक्योरिटी कार्ड के लिए आवेदन कर दिया, ताकि बड़े होने पर वह वहां खा-कमा सके.
लेकिन वे फ़र्ज़ी ग्रीन कार्ड नहीं बनवा पाए, जिसके बिना पति-पत्नी वहां काम नहीं कर सकते थे.
एडी बताते हैं, 'मैंने वे नौकरियां खोजने की कोशिश की, जिनके लिए आईडी की ज़रूरत नहीं होती. लेकिन वैसी नौकरियां ज़्यादा नहीं थीं, बशर्ते आप कैलिफ़ोर्निया में जाकर संतरे तोड़ना चाहें.'

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जब एडी के पास पैसे कम होने लगे तो उन्होंने लास वेगस में जुआ भी खेला. उन्हें अपना प्लेन बेचना पड़ा और वे एक छोटे घर में शिफ़्ट हो गए.
लेकिन ख़रीदने वाले ने तय रक़म का एक चौथाई पैसा ही दिया और एडी कुछ नहीं कर पाए. तब एडी को लगा कि यही यहां से भागने का वक़्त है.
वह बताते हैं, 'मैंने जब उससे पैसे मांगे तो उसने कहा कि उसे मेरे बारे में कुछ शक है और वह पुलिस को बुला सकता है.'

दूसरी नई पहचान?
इसके बाद एडी परिवार समेत वहां से भागकर न्यू हैम्पशायर के कॉनकोर्ड चले गए.
एडी ने स्टीफ़न किंग की पहचान छोड़कर नई पहचान हासिल करने का फ़ैसला किया.
वह बताते हैं, 'मेरा भाई माइकल कई सालों से अमरीकी नागरिक था, लेकिन बाद में वह ब्रिटेन में शिफ्ट हो गया था. मुझे पता था कि उसके पास वैध रेज़ीडेंस कार्ड था. मुझे उसके बारे में पूरी जानकारी थी.'
तो एडी ने माइकल बनकर प्रशासन को चिट्ठी लिखकर दावा किया कि उनका ग्रीन कार्ड खो गया है.
किसी को शक नहीं हुआ और ग्रीन कार्ड जल्द ही उन्हें मिल गया. फिर एडी ने अपने भाई के नाम पर ही कमर्शियल ड्राइवर का लाइसेंस बनवा लिया और एक ट्रक चलाने लगे.
1997 में उन्हें दूसरा बच्चा हुआ, मार्क.
एक साल बाद एडी को 'नील्सन' टेलीविज़न सिस्टम इंस्टॉल करने का काम मिल गया. पांच साल तक वे न्यू हैम्पशायर में रहे.
लेकिन फिर सितंबर 2011 की घटना हुई और पड़ोसी उनके बारे में शक करने लगे. एडी बताते हैं, 'फिर ऐसा मौक़ा आया जब हमारे दोस्तों ने मज़ाक किया कि उन्हें गवाहों को सुरक्षित रखऩे वाले प्रोग्राम में होना चाहिए. यह इस बात का संकेत था कि हम शायद वहां बहुत दिनों से रह रहे थे.'
दीवालिए हो गए, पर पकड़े नहीं गए
एडी को नील्सन में प्रमोशन मिल गया और वे परिवार समेत फ्लोरिडा के डुनेडिन में शिफ़्ट हो गए. वहां उन्होंने समुद्री किनारे के पास एक घर ले लिया और एडी गोल्फ़ खेलने लगे.
वे एक बार डिज़्नीवर्ल्ड भी गए, लेकिन ऑफ़ सीज़न में, ताकि ब्रिटिश सैलानियों से न टकराएं.

कुछ सालों में कुछ और जगहें बदलने के बाद आख़िरकार 2008 में वे मिज़ौरी में ओज़ार्क शहर में बस गए. वहां एडी को ब्रॉडबैंड टेक्नीशियन का काम मिल गया और डेबी किराए पर प्रॉपर्टी देने वाली एक एजेंसी में काम करने लगीं.
लेकिन इस बीच उनके क्रेडिट कार्ड के बिल बढ़ने लगे और 2010 आते आते एडी कंगाल हो गए.
इसके बावजूद वे ब्रिटिश एजेंसियों की पहुंच से दूर बने रहे.
19 साल में उन्होंने सिर्फ एक बार ब्रिटेन में अपने घर पर फ़ोन किया, जब एडी की मां बीमार थीं.
फिर कैसे पकड़े गए?
उनका अपना बेटा ली उनकी कमज़ोर नस साबित हुआ.
किशोर उम्र का ली अपने ब्रिटिश रिश्तेदारों के बारे में सवाल पूछने लगा और सीधे जवाब न मिलने पर बाग़ी होने लगा.
एडी बताते हैं, 'मेरे बच्चों ने अच्छी शिक्षा ली थी. मैंने उन्हें क़ानून का पालन करने वाले नागरिक बनने की सीख दी. लेकिन ली जब बड़ा हुआ तो हम पर दबाव डालने लगा.'
वह कहते हैं, 'वह एक समस्या था और आख़िर में उसी ने सब पलट दिया.'
ली मार जब बड़ा हो गया तो उसने जेसिका बटलर से शादी. लेकिन वे दोनों अक़सर लड़ने लगे. एडी के मुताबिक, एक दिन शराब के नशे में ली ने जेसिका से कहा- उसे लगता है कि उसके पिता भगोड़े हैं.
ली ने अपना असली सरनेम बनाए रखा था. जेसिका ने इस सरनेम से इंटरनेट पर सर्च किया और उसे इंग्लैंड के बैंक में लूट और एडी के सिर पर इनाम की ख़बर मिल गई.
6 फरवरी 2012 में जेसिका ओज़ार्क पुलिस स्टेशन पहुंची और उसने कहा कि वह बैंक लूटने वाले ब्रिटिश भगोड़े को जानती है.
एडी ने तय किया कि इस बार वह नहीं भागेंगे. उन्होंने अपने बच्चों के सामने अपनी पहचान स्वीकार ली. उन्होंने कहा, 'मेरा नाम एडी है और इसकी मां सारा नहीं, डेबी है.'
क्या उन्हें जेल हुई?
जुलाई 2012 में एडी को ब्रिटेन लाया गया. आठ महीने बाद उन्हें चोरी के जुर्म में पांच साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई, लेकिन जनवरी 2015 में ही उन्हें छोड़ दिया गया.
एडी कहते हैं, 'मैं ये नहीं कहता कि मैंने अपराध नहीं किया था. लेकिन मैंने उसकी सज़ा चुकाई. मुझे अमरीका में बिताई ज़िंदग़ी पर अफ़सोस नहीं है. मेरा दूसरा बच्चा वहां पैदा हुआ.'

एडी दोबारा अमरीका जाना चाहते हैं, अपने असली नाम एडी मार के साथ, लेकिन उनका आपराधिक इतिहास इसकी इजाज़त नहीं देगा.
वह ब्रिटेन में रहना नहीं चाहते और ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां सूरज ज़्यादा दिखता हो: शायद स्पेन या साइप्रस.
वह कहते हैं, 'अब अपना सिर नीचे रखा जाए और रिटायरमेंट के मज़े लिए जाएं.'
एडी मार की ऑटोबायोग्राफी 'फ़ास्ट एडी' हाल ही में रिलीज़ हुई है.
(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी मैगज़ीन पर उपलब्ध है.)
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