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रूस से संबंधों के लेकर डोनल्ड ट्रंप के दामाद भी एफ़बीआई जांच के घेरे में
अमरीकी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दामाद और उनके सीनियर सलाहकार जैरेड कशनर भी रूस के साथ संबंधों को लेकर जारी जांच में एफ़बीआई की ज़द में हैं.
ख़बरों के मुताबिक कशनर के पास ज़रूरी सूचनाएं हैं, लेकिन वह अपराध में संदिग्ध नहीं हैं. एफ़बीआई इस बात की जांच कर रही है कि 2016 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने हस्तक्षेप किया था या नहीं.
एफ़बीआई राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के अभियान से रूसी संबंधों की भी जांच कर रही है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव में रूस से किसी भी तरह की सांठ-गांठ से इनकार किया है.
कशनर के वक़ील ने इस मामले में कहा है कि उनके क्लाइंट किसी भी तरह की पूछताछ के लिए तैयार हैं.
ट्रंप ने रूस से संबंधों की जांच को लेकर कहा है कि अमरीकी इतिहास में यह एक अनोखी जांच है क्योंकि कोई अपराध हुआ ही नहीं है.
अमरीकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रूस ने अमरीकी चुनाव में रिपब्लिकन का पक्ष लेने की कोशिश की थी. इस चुनाव में डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन की हार हुई थी.
अमरीकी अधिकारियों ने एनबीसी न्यूज़ से कहा है कि 36 साल के कशनर को लेकर जांच का मतलब यह नहीं है कि वह किसी अपराध में संदिग्ध हैं या उन पर किसी तरह का आरोप है.
वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि पिेछले साल कशनर और अमरीका में रूसी राजदूत सर्गेइ किसल्याक के बीच मुलाक़ात हुई थी. इस मुलाक़ात में मॉस्को के एक बैंकर सर्गेइ गोर्कोव भी थे.
गोर्कोव जिस बैंक के प्रमुख हैं उस पर ओबामा प्रशासन ने यूक्रेन में अलगाववादियों को मदद पहुंचाने के मामले में प्रतिबंध लगाया था. यह बैंक रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव और सरकार के अन्य सदस्यों के नियंत्रण में काम करता है.
कशनर का कहना है कि उन्होंने गोर्कोव से प्रतिबंध को लेकर कोई बात नहीं की थी.
पिछले हफ़्ते एफ़बीआई के पूर्व प्रमुख रॉबर्ट मुलर को अमरीकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने रूसी जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी थी. राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को लेकर अमरीकी कांग्रेस भी जांच कर रही है.
कशनर अपने रूसी संपर्कों को लेकर सीनेट खुफिया कमेटी से बातचीत के लिए पहले ही तैयार हो गए हैं.
कशनर के वक़ील जेमी गोरेलिक ने बीबीसी से कहा कि उनके क्लाइंट ने पहले ही रूसी राजदूत से मुलाकात की बात कांग्रेस से साझा कर दी है. उन्होंने कहा कि यदि फिर से ऐसी ज़रूरत पड़ेगी तो वह ऐसा करने को तैयार हैं.
एफ़बीआई के बॉस जेम्स कोमी को ट्रंप ने बर्खास्त कर दिया था. ट्रंप के इस क़दम को रूसी जांच को प्रभावित करने के रूप में देखा जा रहा है. इसके लेकर उनकी काफ़ी आलोचना भी हो रही है.
हालांकि रूस अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी संलिप्तता से इनकार करता रहा है.
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