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'सेक्स वर्क भी एक पेशा है'
पेरिस की सड़कों पर शनिवार को अनोखा नज़ारा था.
यौनकर्मी महिलाएं सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के लिए उतरी हुई थीं. इनकी संख्या 150 के करीब थी.
उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे, विरोध का स्वर साफ था, "सेक्स वर्क भी एक पेशा है."
साल भर पहले फ्रांस ने कानून बनाकर 'पेड सेक्स' को प्रतिबंधित कर दिया था.
यौनकर्मी महिलाओं के विरोध प्रदर्शन का आयोजन इस कानून के एक साल पूरा होने पर किया गया था.
नए कानून के तहत पैसे देकर सेक्स सर्विस लेना अवैध है और इसके लिए ग्राहकों पर जुर्माना लगाया जाएगा.
प्रदर्शन में उतरीं ज्यादातर महिलाएं नवयुवतियां थीं, उनमें कुछ पुरुष भी थे.
'जुर्माना बंद करो, हमारे हमलावर एड्स, दमन और पाखंड हैं न कि हमारे ग्राहक', 'सेक्स वर्क भी एक पेशा है', 'मेरी देह मेरा काम है.'
उनके हाथों में लहरा रहे प्ले कार्ड्स पर ऐसे नारे पढ़े जा सकते थे.
ये कानून ग्राहकों को अपराधी करार देता है न कि यौन कर्मियों को. जुर्माने की रकम 3,750 यूरो तक हो सकती है.
भारतीय मुद्रा में ये रकम ढ़ाई लाख रुपये के करीब बैठती है.
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