एक महिला साइकिल पर अकेले गई लंदन से तेहरान

रेबेका लास ने अपने काम से छुट्टी लेकर ब्रिटेन से ईरान तक की क़रीब सात हज़ार किमी की यात्रा साइकिल पर पूरी की.

इस यात्रा के बाद रेबेका ने बीबीसी पर एक लेख लिखा 'पूरे मध्य-पूर्व में एक महिला की अकेले साइकिल यात्रा करना मूर्खता होगी.' उनके इस लेख को लोगों ने काफी पसंद किया.

आइए देखते हुए रेबेका की लंदन से तेहरान तक की इस यात्रा को तस्वीरों के ज़रिए.

अपनी इस यात्रा के दौरान वो मांटेनेग्रो और अल्बानिया की सीमा पर स्थित प्रोकेलटीज पहाड़ी से होकर भी गुजरीं. वो कहती हैं कि यहां की चढ़ाई ने तो उन्हें एक तरह से मार ही दिया था.

रेबेका की साइकिल तुर्की के टोरस पहाड़ी से गुजरते हुए पंचर हो गई.

सूडान के सहारा के 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भुन जाना जैसे था. रेबेका कहती हैं, 'एक जगह मैं बिना पानी के चलती रही. इससे मेरे शरीर में पानी की कमी हो गई. ऐसे में उत्तरी सूडान में नील नदी के किनारे रहने वाले परिवार ने मेरी देखभाल की.'

लेबनान के बेक्का घाटी में सीरिया की सीमा के पास स्थित एक सीरियाई शरणार्थी शिविर के अधिकांश टेंट बर्फ और बारिश की वजह से खराब हो गए हैं. एक टेंट में दस-दस लोग तक रहते हैं.

अम्मान और जार्डन के बीच बनी पक्की सड़क.

सूडान के खारतूम के ऊंट बाज़ार के दुकानदार. हफ़्ते में दो दिन लगने वाले बाज़ार में क़रीब 350 ऊंट बिक जाते हैं. यहां ऊंटों का गोश्त खाया जाता है.

खारतूम में सड़कों के किनारे चाय बेचने वाली इन महिलाओं को अक्सर भेदभाव और पुलिस उत्पीड़न से जूझना होता है.

अवादिया महमूद (दाहिने) को चाय कोऑपरेटिव बनाने के लिए 2016 में यूएस इंटरनेशनल वुमेन ऑफ करेज का पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

ईरान की बांद्री शिया महिलाएं अपने चेहरे को ढंकने के लिए एक कढ़ाईदार कपड़ा लगाती हैं.

रेबेका की साइकिल ईरानी पहाड़ों के बीच पंचर हो गई. ऐसे में कुछ भेड़ पालकों ने उनकी मदद की.

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