अमरीका पर बरसा इसराइल

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इसराइल ने कब्ज़े वाले इलाके में बस्तियों के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाने के लिए अमरीका के नए सिरे से प्रयासों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमरीका पर आरोप लगाया है कि व्हाइट हाउस की मंशा इस प्रस्ताव पर वीटो करने की नहीं है जिसे ध्यान में रखते हुए उसने यह 'शर्मनाक कदम' उठाया है.
इस प्रस्ताव का प्रारूप मिस्र ने तैयार किया था जिसे तब वापस ले लिया गया था जब इसराइल ने डोनल्ड ट्रंप से हस्तक्षेप करने के लिए कहा था.

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लेकिन बाद में चार अन्य देशों ने इसमें दख़ल दिया जिसकी वजह से वोट की नौबत आई.
अमरीका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के नाते इस प्रस्ताव पर वीटो कर सकता है. अमरीका सुरक्षा परिषद में पारंपरिक रूप से इसराइल का समर्थक रहा है और उसके ख़िलाफ़ प्रस्तावों पर वीटो करता आया है.
लेकिन अमरीका का निवर्तमान ओबामा प्रशासन कब्ज़े वाले इलाके में इसराइली बस्तियों को बनाने का विरोध करता रहा है.
इसी बुनियाद पर अटकलें लगाई जाती रही हैं कि ओबामा प्रशासन अपने कार्यकाल के आखिरी महीने में इसराइल के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पारित होने दे सकता है.

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समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इसके पीछे अमरीका राष्ट्रपति ओबामा और विदेशमंत्री जॉन कैरी का हाथ है.
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