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'मोदी और ट्रंप बहुत अच्छे दोस्त हैं'
- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, न्यूयॉर्क से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
अमरीका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के करीबी समझे जाने वाले भारतीय मूल के व्यवसायी शलभ कुमार ने चुनाव के बाद पहली बार ट्रंप से उनके घर ट्रंप टावर में मुलाक़ात की.
भारतीय मूल के अमरीकियों की संस्था रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के अध्यक्ष शलभ कुमार भारतीय मूल के अमरीकी व्यवसायी हैं और उन्होंने चुनाव के दौरान डोनल्ड ट्रंप की मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा भी लिया था.
शलभ कुमार ने बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत बताया कि भारत अमरीका रिश्ते और अमरीका का पाकिस्तान के प्रति रुख जैसे मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन की संभावित सोच के बारे में विस्तार से बात हुई.
पढ़िए शलभ कुमार से बातचीत के अंश:-
"अब भारत और अमरीका के रिश्तों में असल में अच्छा बदलाव आएगा. दोनों देशों के बीच व्यापार को काफ़ी बढ़ावा मिलेगा. अभी जो मौजूदा सरकार है वह इस बारे में काम नहीं करती सिर्फ़ दिखावा करती है. ट्रंप प्रशासन में हम भारत से व्यापार बढ़ाने के लिए, रक्षा सौदों के लिए, एलएनजी सेल और तकनीक के ट्रांसफर के लिए भी अमरीकी संसद में कानून लाएंगे और अध्यादेश भी जारी किए जाएंगे.
ट्रंप प्रशासन में अमरीका का जो व्यापार मामलों का प्रतिनिधि होगा वह भारत का हिमायती होगा.
ट्रंप अगर दूसरे कार्यकाल में भी आते हैं तो आठ सालों में दोनों देशों के बीच एक खरब डॉलर का व्यापार हो जाएगा. ट्रंप प्रशासन भारत के कुछ क़ानूनों में भी बदलाव चाहता है.
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि भारत सरकार को कुछ क़ानून में तब्दीली लानी चाहिए. कुछ अंतरराष्ट्रीय क़ानून को सशक्त बनाया जाए, जैसे पेटेंट क़ानून ख़ासकर रेसिप्रोसिटी के बारे में जिसमें कंपनियों के किसी मामले में कोई अदालती केस अमरीका में तय हो गया तो वह भारत में भी मान्य हो, इसी तरह भारत में तय मामलों को अमरीका में मान्यता मिले, इससे व्यापार में काफ़ी आसानी हो जाएगी.
दोनों लोकतांत्रिक देश हैं इसलिए दोनों के सहयोग से यह किया जा सकता है.
अमरीका चीन पर अपनी निर्भरता के मामले में बदलाव लाना चाहता है. पाकिस्तान के बारे में डोनल्ड ट्रंप सख़्त नीति अपनाएंगे.
अगर नवाज़ शरीफ़ बोलेंगे कि चरमपंथ ख़त्म हो गया है, तो ट्रंप सीधे सवाल करेंगे कि कहां ख़त्म हो गया?
ट्रंप बिना लाग लपेट के सीधी बात करेंगे पाकिस्तान के साथ. पाकिस्तान अगर विकास के लिए काम करे, मदरसे के बजाए अच्छी शिक्षा प्रणाली लाए तो ट्रंप प्रशासन और हिंदू रिपब्लिकन कोएलिशन भी उसके साथ काम करने के लिए तैयार है.
वहीं दूसरी ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच बहुत ही अच्छे संबंध होंगे.
मैं तो प्रधानमंत्री मोदी और डोनल्ड ट्रंप दोनों को बहुत करीब से जानता हूं. वह दोनों मुझसे अकेले में भी बात कर चुके हैं और मैं जानता हूं कि दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं.
शलभ कुमार ने चुनाव के दौरान डॉनल्ड ट्रंप की मुहिम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा भी लिया था.
ट्रंप प्रशासन में मेरे रोल के बारे में बात करना तो अभी जल्दबाज़ी होगी.
अभी हम चाहते हैं कि पहले अमरीका मज़बूत हो जाए, वह बहुत जल्द मज़बूत होगा. टैक्स की दर कम हो जाए, मेक्सिको के साथ सीमा पर दीवार बन जाए. भारत के साथ रिश्ते और मज़बूत हो जाएं.
हमारे जो हिंदू अमरीकी हैं वह अब और अधिक संख्या में राजनीति में शामिल हों.
हिंदू रिपब्लिकन कोएलिशन का तो काम है कि अधिक से अधिक हिंदू अमरीकी रिपब्लिकन पार्टी के साथ जुड़ें.
अब अगले चुनाव में हमारी कोशिश होगी कि 75 प्रतिशत हिंदू अमरीकन रिपब्लिकन पार्टी के साथ मिल जाएं. हमारी तो मान्यताएं रिपब्लिकन पार्टी से बहुत मेल खाती हैं. तो हमें इसी दिशा में काम करना है."
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