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अमरीका का रूस पर साइबर हमले का आरोप
अमरीकी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर रूस पर ''अमरीकी चुनावों में दखलअंदाज़ी करने के लिए'' राजनीतिक दलों के खिलाफ़ साइबर हमले करने का आरोप लगाया है.
आंतरिक सुरक्षा विभाग ने कहा है,''हाली ही में हैक किए गए ईमेल रूस द्वारा निर्देशित तरीकों से मेल खाते हैं.''
ये भी कहा गया है कि कई अमरीकी राज्यों में चुनाव संबंधी सिस्टम में स्कैनिंग और छानबीन की कोशिशें देखी गई हैं.
2016 के चुनाव प्रचार में शर्मिंदा करने वाले ईमेल सामने आ चुके हैं.
हालांकि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमेत्री पेसकोव ने अमरीका के आरोपों को बकवास बताया है.
डेमोक्रिटेक पार्टी के नेताओं के ईमेल इसी साल की शुरूआत में हैक किए गए थे जिसमें संवेदनशील और निजी जानकारी भी लीक हुई.
आंतरिक सुरक्षा विभाग और चुनाव में सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय खुफिया निदेशक ने संयुक्त बयान में कहा कि क्रेमलिन के अधिकारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं.
इस बयान में खुफ़िया अधिकारियों ने कहा, ''जिस स्तर पर ये तांकझांक हो रही है उसे निश्चित रूप से रूस के वरिष्ठम अधिकारियों से मंज़ूरी मिली होगी.''
अमरीका में नवंबर के महीने में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं जिसके लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ज़ोरदार प्रचार में लगे हैं.
हालांकि विकेंद्रित प्रणाली और कई स्तर की सुरक्षा के कारण चुनाव के नतीजों को इससे नहीं बदला जा सकेगा.
जुलाई में एक हैकर ने खुद को गुसिफ़र 2.0 बताते हुए डेमोक्रिटेक पार्टी के ईमेल लीक करने की ज़िम्मेदारी ली थी.
कई गिगाबाइट की फ़ाइलों में ईमेल और अन्य दस्तावेज़ थे जिनसे संकेत मिलते थे कि डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय कमेटी का रवैया बर्नी सैंडर्स के खिलाफ़ था.
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