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'परमाणु हथियारों पर पाक का तनाव वाला इतिहास'
अमरीका के रक्षा मंत्री ऐश्टन कार्टर ने परमाणु तकनीक के मुद्दे पर कहा है कि जहाँ भारत का रुख़ इस बारे में ज़िम्मेदारी वाला रहा है, वहीं पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर तनाव होता रहा है.
अमरीका की इस विषय में राय इस समय इसलिए महत्वपूर्व है क्योंकि उड़ी चरमपंथी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है.
मीडिया में नेताओं के हवाले से सिंधु जल संधि और परमाणु हथियारों तक की बात हुई जिससे अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ ऐश्टन कार्टर ने ऐसा अमरीका के उत्तरी डेकोटा में एक एयरफ़ोर्स बेस में आयोजित कार्यक्रम में कहा.
अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा, "पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का इतिहास तनाव से भरा हुआ है, हालांकि पाकिस्तानी परमाणु हथियारों से सीधे-सीधे अमरीका को कोई ख़तरा नहीं है. हम स्थायित्व क़ायम रखने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करते हैं."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ ऐश्टन कार्टर ने ये बयान मंगलवार को डकोटा के एक कार्यक्रम में कहा है. कार्टर ने परमाणु हथियारों के मामले में भारत के ज़िम्मेदारी वाले रवैये की तारीफ़ की है.
कार्टर ने ये भी कहा, "चीन ने भी परमाणु क्षेत्र में अपनी भूमिका ज़िम्मेदारी से निभाई है, बावजूद इसके कि उसके हथियारों के ज़ख़ीरे और गुणवत्ता में बेहतरी आई है."
अमरीकी रक्षा मंत्री का कहना था कि रूस के पास बहुत पहले से ही परमाणु हथियार रहे हैं लेकिन उसके नेतृत्व ने हाल में जिस तरह से परमाणु हथियारों के बारे में बात की है वो चिंताजनक है.
कार्टर का कहना था कि उत्तर कोरिया परमाणु और मिसाइल हथियारों को लेकर जिस तरह से दुनियां को उकसाने का काम कर रहा है वो अभी मौजूद एक बड़े ख़तरे की तरफ़ इशारा करता है.
अमरीकी रक्षा मंत्री का कहना था कि पिछले साल ईरान के साथ हुई परमाणु संधि के बाद इस मामले में उसके कामकाज को लेकर पारदर्शिता आई है.