भारतीय उपग्रह इनसेट-3डी सफलतापूर्वक लांच

भारत ने मौसम संबंधी आंकड़े जुटाने के लिए अपने उपग्रह इनसेट-3डी को शुक्रवार तड़के एक बजकर 24 मिनट पर फ़्रेंच गयाना के कौरु अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया.
भारतीय <link type="page"><caption> अंतरीक्ष</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/09/120909_pslv_launch_ac.shtml" platform="highweb"/></link> अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बयान में कहा है कि इस <link type="page"><caption> उपग्रह</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/04/120426_isro_risat1_ml.shtml" platform="highweb"/></link> को एरियन-पाँच नाम के एक रॉकेट से <link type="page"><caption> प्रक्षेपित</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2011/07/110715_satellite_launch_skj.shtml" platform="highweb"/></link> किया गया.
बय़ान के मुताबिक़ 32 मिनट 48 सेकेंड की उड़ान के बाद इस उपग्रह को उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया गया है.
संतोषजनक प्रदर्शन
इनसेट 3 डी के एरियन-पांच से अलग होने के बाद इस पर लगे सोलर पैनल अपने आप खुल गए और काम करने लगे.
इसके बाद इसे कर्नाटक के हासन स्थित इसरो के मास्टर कंट्रोल रूम ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया. इसरो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इनसेट 3 डी की सभी प्रणालियां ठीक से काम कर रही हैं. उनका प्रदर्शन संतोषजनक है.
आने वाले दिनों में इस उपग्रह को उसकी प्रणोदन प्रणाली (आगे बढ़ाने वाली) का उपयोग कर उसे 36 सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित भूस्थैतिकि कक्षा में स्थापित किया जाएगा.
इसे 82 डिग्री पूर्व में स्थित कक्षा में स्थापित करने के बाद अगस्त के दूसरे हफ़्ते में उपग्रह में लगे मौसम संबंधी पेलो़ड को जाँच के लिए सक्रिय कर दिया जाएगा.
इनसेट 3 डी का वजन 2060 किलो है. इस पर इमेजर, साउंडर, डाटा रिलो ट्रांसपोंडर और सैटेलाइट एडेड सर्च एंड रेस्क्यू जैसे चार पेलोड लगे हुए हैं. इस पर लगा छह चैनल वाला इमेजर प्रृथ्वी के मौसम संबंधी चित्र ले सकता है.
मौसमी आंकड़े
<link type="page"><caption> इसरो</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2010/12/101225_gslv_launch_va.shtml" platform="highweb"/></link> का कहना है कि इसके चित्रों की विशेषताएं पिछले एक दशक से अंतरिक्ष में रहकर मौसम संबंधी जानकारियाँ जुटा रहे भारतीय उपग्रह कल्पना-एक और इनसेट-3ए पर लगे पेलोड से से उपलब्ध कराए गए चित्रों से बेहतर होंगी.
इस पर लगा 19 चैनल का साउंडर पेलोड तापमान, आर्दता और ओज़ोन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा.
इनसेट-3डी पर लगा तीसरा पैलोड डाटा रिले ट्रांसपोंडर मौसम विज्ञान, जल विज्ञान और समुद्र विज्ञान संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराएगा. इससे मौंसम संबंधी सटीक भविष्यवाणियाँ की जा सकेंगी.
स्वदेश में विकसित इनसेट-3डी के मौसम संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण के लिए <link type="page"><caption> इसरो</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/02/110208_isro_spectrum_psa.shtml" platform="highweb"/></link> ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नई दिल्ली केंद्र में एक तंत्र विकसित किया है. ऐसी ही व्यवस्था इसरो के भोपाल और अहमदाबाद केंद्र में भी होगी.
<italic><bold>(बीबीसी हिंदी का <link type="page"><caption> एंड्रॉयड</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>












