पीएम को बताई थी मानसिक प्रताड़ना की बात, मोदी ने कहा चिंता न करो हम बैठे हैं -विनेश फोगाट
- Author, विनीत खरे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
बीबीसी से बातचीत में पहलवान विनेश फोगाट ने दावा किया है कि 2021 टोक्यो ओलंपिक के बाद उन्होंने भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ी शिकायतों का ज़िक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया था, हालांकि विनेश के मुताबिक़ उन्होंने इस बातचीत में कथित यौन शोषण की बात नहीं की थी.
विनेश का दावा था कि प्रधानमंत्री मोदी के बाद उन्होंने खेलमंत्री को "और थोड़ा खुलकर बातें बताईं", लेकिन बात बृजभूषण शरण सिंह तक पहुंच गई.
आरोपों पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की टिप्पणी नहीं मिल पाई, हालांकि हाल ही में उन्होंने कहा कि सरकार के लिए खेल और खिलाड़ी सरकार की प्राथमिकताएं हैं और इस बारे में वो कोई समझौता नहीं करेंगे.
अनुराग ठाकुर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों की मांगों को लेकर उनसे मुलाक़ात कर चुके हैं, लेकिन प्रदर्शन अभी भी जारी हैं.
बातचीत में विनेश ने जान पर ख़तरे का भी डर जताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ओवरसाइट कमेटी के सदस्यों से संपर्क करना चुनौतीपूर्ण हो गया, साथ ही सवाल उठाए कि मेरीकॉम को समिति का प्रमुख बनाने से पहले उनसे पूछा क्यों नहीं गया कि क्या वो उपलब्ध हैं या नहीं.
विनेश फोगाट ने पूछा कि ऐसे वक्त जब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं नज़दीक हैं और खिलाड़ी सड़कों पर हैं, इसके बावजूद "पता नहीं किसी के कान में जूं रेंग भी रही है या नहीं". वो पूछती हैं, "कोई आदमी इतना स्ट्रॉन्ग (ताक़तवर) कैसे हो सकता है?"
एक तरफ़ जहां पहलवान आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ पहलवानों पर भी सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने ऐसे गंभीर आरोपों पर पुलिस शिकायत पहले दर्ज क्यों नहीं करवाई.
साथ ही पहलवानों की बृजभूषण शरण सिंह के साथ तस्वीरें भी मीडिया में दिखाई दी हैं और उनके इरादों को भी कटघरे में खड़ा किया जा रहा है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और अन्य दूसरे पहलावानों, कोचों आदि ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. हालांकि बृजभूषण शरण सिंह इन आरोपों से इनकार करते हैं.
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'मैंने प्रधानमंत्री जी को कुछ बातें बताई थीं'
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में दो एफ़आईआर दर्ज की है, लेकिन पहलवानों का प्रदर्शन जारी है. वो बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें से बातचीत में ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अभी दिल्ली पुलिस ने उनसे संपर्क नहीं किया है और वो जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सरकार के कई बड़े मंत्रियों ने अभी तक कुछ नहीं कहा है.
विनेश फोगाट ने कहा, "टोक्यो के बाद मैं प्रधानमंत्री जी से मिली थी तो मैंने उनको कुछ बातें बताई थीं, कि सर, वो ऐसे-ऐसे दुखी कर रहे हैं परेशान कर रहे हैं. इतना ओपेनली मैंने उनको नहीं बताया था - सेक्सुअल हरासमेंट का, लेकिन और जितने लेवल पर टॉर्चर कर रहे हैं, मेंटली टॉर्चर कर रहे हैं."
विनेश के मुताबिक़, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिक्रिया में कहा कि, "आप चिंता मत करो हम बैठे हैं. कि इतना नहीं हुआ कि आपको दुखी परेशान कर दे. हम बैठे हैं."
विनेश का दावा है कि फिर वो खेल मंत्री से मिलीं और सभी बातें बताईं, लेकिन इसके बाद ये बातें मंत्रालय से बाहर आ गईं, जिसके बाद उनके विश्वास को झटका लगा.

मुख्य बातें
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के लिए पदक लाने वाले पहलवानधरने पर बैठे हैं.
- विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक की अगुवाई में चल रहा है धरना-प्रदर्शन.
- बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषणशरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप है.
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
- पहलवानों का कहना है कि बृ़जभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ शिकायत किए तीन महीने बीते फिर भी न्याय नहीं मिला, इसलिए उन्हें दोबारा धरने पर बैठना पड़ा है.

जान का ख़तरा
बातचीत में विनेश ने जान पर ख़तरे का डर भी जताया.
वो कहती हैं, "हम पहलवानी कैसे कर सकते हैं, अगर वो (बृजभूषण शरण सिंह) बाहर हैं तो. हमने आवाज़ उठाई है ना. हमारे परिवार इतने परेशान हैं. उनके (बृजभूषण शरण सिंह के) ऊपर जो एक्ट लगे हैं, उसमें उनकी गिरफ़्तारी बनती है या नहीं बनती? अगर उसकी जगह कोई नॉर्मल इंसान होता, उसकी गिरफ़्तारी होती कि नहीं होती?"
जंतर मंतर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. पहलवानों का प्रदर्शन स्थल पुलिस बैरिकेड के घेरे में है और अंदर जाने वाले आम लोगों से पूछताछ की जा रही है, और बैग की चेकिंग हो रही है.

सड़क पर बने मंचस्थल के नीचे गद्दे रखे हैं, जिन पर लोग बैठते हैं और कभी-कभार इसी पर जाने-अनजाने जूते चप्पल पहन कर चढ़ने वाले लोग भी कम नहीं.
शामियाने के नीचे एक कोने में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया आराम करते, बातचीत करते या फ़ोन पर व्यस्त नज़र आते हैं.
उन्होंने पिछले कई दिन गर्मी, बरसात के अलावा मच्छरों के साथ काटे हैं. प्रदर्शन स्थल में बिजली नहीं होने से कई लोग नाराज़ दिखे. आसपास के कुछ कमरों में टॉयलट की व्यवस्था की गई है.
एक तरफ़ जहां ये प्रदर्शन जारी हैं, बृजभूषण शरण सिंह इस्तीफ़ा देने को तैयार नहीं.
बीबीसी से बातचीत में वो कहते हैं, "मैंने किसी के साथ कोई नाइंसाफ़ी, बदतमीज़ी, छेड़छाड़ नहीं की है. मैंने इनको परिवार के बच्चों की तरह ट्रीट किया है. इनको बहुत प्यार, सम्मान दिया है. दुर्भाग्य है हमारा कि वही प्यार, सम्मान हमारे गले की फांस बन रहा है."
पॉक्सो के केस के बावजूद गिरफ़्तारी न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब दिल्ली पुलिस दे सकती है.
बृजभूषण शरण सिंह का दावा है कि इस प्रकरण से उनकी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है और इससे उनकी छवि पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

प्रदर्शन में आने वाले लोग
वो पूछते हैं, "इतने वक्त तक इन्होंने क्यों आरोप नहीं लगाए? (पहलवान) जांच का इंतज़ार क्यों नहीं कर रहे हैं? किस बात के लिए धरने पर बैठे हैं? क्या इन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है? क्या मेरे इस्तीफ़ा देने से दिल्ली पुलिस की जांच ख़त्म हो जाएगी? क्या हम न्यायपालिका से बड़े हैं? मैं अपराधी बन कर इस्तीफ़ा नहीं दूंगा."
प्रदर्शन को देखने, उसमें हिस्सा लेने समाज के कई हिस्से से लोग पहुंच रहे हैं.
तुग़लकाबाद की रहने वाली सानिया कबड्डी खेलती हैं और अपने भाई यासिर के साथ प्रदर्शन में आई थीं. 17 साल की सानिया तीन सालों से कबड्डी सीख रही हैं.
वो कहती हैं, ''शुरुआत में ये शौक़ था, फिर लगा यही खेलना है. अब तमन्ना है कि कबड्डी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियागिताओं में खेलें.''
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वो कहती हैं, "आज इनके साथ हुआ है तो कल हमारे साथ हो सकता है. इससे लड़कियां दब रही हैं. मैं चाहती हूं कि सारी लड़कियां आएं और इनके समर्थन में बैठें. आज मैं अकेली आई, कल मै अपनी पूरी टीम लेकर आऊंगी."
राहुल भीलवाड़ा अपनी छह साल की बेटी के साथ दिल्ली के करोल बाग से आए थे.
वो कहते हैं, "ये तो खिलाड़ी हैं, ये तो आवाज़ उठा लेंगे. जो लड़की आवाज़ नहीं उठा पा रही, उसके बारे में क्या करना है? हमारी बेटियां सुरक्षित होनी चाहिएं.

इमरान कलेर पहलवान बजरंग पुनिया को 15-20 सालों से जानते हैं.
वो कहते हैं, "हम इनको भगवान मानते हैं. जिसका राज्य स्तर पर मेडल आ जाए उसको बहुत बड़ा पहलवान मानते हैं. ये तो ओलंपिक पहलवान हैं. हम अगर इनके पैर धोकर भी पीएं तो वो भी बहुत बड़ी बात है. मैं सरकार से यही विनती करना चाहता हूं कि वो इन बच्चों की आवाज़ सुनें. ये बहुत बड़े सेलेब्रिटी हैं. इनके आगे सलमान ख़ान, शाहरुख़ ख़ान कुछ नहीं हैं. किसी सेलेब्रिटी के बच्चे ने मेडल लिया है?"
इस बीच पहलवानों का प्रदर्शन जारी है. विनेश कहती हैं कि उन्हें एक लाचारी-सी महसूस हो रही है, और ऐसा लग रहा है कि राजनीति खेल पर हावी हो रही है.
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