अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से कम-से-कम 16 की मौत, कई लापता

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों के मुताबिक़ 30-40 लोगों की अभी भी तलाश जारी है.

अमरनाथ गुफा के नीचे शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बादल फटने की घटना हुई.

मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बचाव कार्य से जुड़ीं तमाम एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं.

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना पर दुख जताया है.

उन्होंने ट्वीट किया है, "अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना और उसके कारण हुई लोगों की मौत की ख़बर से दुखी हूं. शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ गुफा के नीचे बादल फटने की घटना के कारण हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया है.

उन्होंने ट्वीट किया है, "अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से परेशान हूं. शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. मनोज सिन्हा (जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल) से बात करके स्थिति का जायज़ा लिया है. बचाव और राहत कार्य जारी है. प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है."

नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर स्थिति की जानकारी ली है.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगा हुआ है और लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है.

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के कार्यालय की ओर से भी इस मामले में ट्वीट किया गया है.

उन्होंने ट्वीट किया है, "अमरनाथ की पवित्र गुफा में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से बहुत दुख हुआ है. इस घटना के कारण कई लोगों की जान चली गई है. मैं शोक में डूबे परिवारों के प्रति अपनी संवेदना ज़ाहिर करता हूं. एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़, बीएसएफ़, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्राइन बोर्ड प्रशासन बचाव अभियान में जुटा हुआ है."

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी ट्वीट करके राहत-बचाव कार्य की जानकारी दी है.

अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार ने एएनआई से इस बारे में बात की.

उन्होंने कहा, "ये दुखःद घटना है. वहां बचाव कार्य जारी है. कई टीमें राहत कार्य में लगी हुई है. हमारा फोकस यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का है. आर्मी के हेलीकॉप्टर भी एक्शन में हैं."

अभी तक जो पता है

आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांड ने समाचार एजेंसी पीटीआई से शनिवार को बताया, "स्थानीय प्रशासन से हमें सूचना मिली है कि करीब 30-40 लोग अभी गुमशुदा हो सकते हैं. हम आईटीबीसी,सेना, एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. गुफा वाले इलाके से हमें कई गुमशुदा लोग मिल सकते हैं."

इससे पहले एनडीआरएफ़ के डीजी अतुल करवाल ने शुक्रवार को बताया, "आशा है कि पानी का बहाव कम होगा लेकिन हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और तीन लोगों को ज़िंदा बचाया गया है."

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक बादल फटने से कुछ लंगर और तंबू अचानक बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

अतुल करवाल ने बताया, "एनडीआरएफ़ टीम गुफा के पास तैनात रहती है, वो टीम तत्काल बचाव कार्य में जुट गई थी. दो टीम पास में ही हैं जिसमें से एक वहां पहुंच कर काम पर लग गई है. दूसरी टीम भी जल्दी ही बचाव कार्य में शामिल होने वाली है. वहां मौजूद एनडीआरएफ़ कर्मचारियों के मुताबिक़, 10 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है और तीन लोगों को वहां से जीवित निकाला गया है."

हेल्पलाइन नंबर जारी

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किये हैं.

इन नंबरों पर कॉल करके जानकारी ली जा सकती है.

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