शिंज़ो आबे जब भारत में पीएम मोदी के ख़ास मेहमान बने थे

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनका निधन हो गया है.

देश के पश्चिमी हिस्से नारा में, शुक्रवार को यह हमला तब हुआ जब वह एक सड़क पर भाषण दे रहे थे. उसके बाद अस्पताल में उनका निधन हो गया.

भारत के कई नेताओं ने शिंज़ो आबे को भारत के एक अच्छे दोस्त के तौर पर याद किया है. भारत के पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की है.

शिंज़ो आबे को याद करते हुए पीएम मोदी ने कई ट्वीट किए हैं.

अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा, "मैं अपने सबसे प्यारे दोस्तों में से एक शिंज़ो आबे के दुखद निधन पर स्तब्ध और दुखी हूं. वह एक महान वैश्विक राजनेता, एक शानदार नेता और एक उल्लेखनीय प्रशासक थे. उन्होंने जापान और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया."

2014 में गणतंत्र दिवस पर बने विशेष अतिथि

भारत के साथ शिंज़ो आबे के संबंधों की झलक उनके भारत दौरों से साफ़ मालूम चलती है.

साल 2014 में वह गणतंत्र दिवस के विशेष अतिथि के तौर पर भारत आए थे. वह जापान के पहले ऐसे पीएम थे जो गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे.

अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही उन्होंने दो बार भारत का दौरा किया था. साल 2015 में जब वो भारत आए तो वाराणसी भी गए थे.

इसके बाद शिंज़ो आबे 13 सितंबर 2017 को भारत के दो दिन के दौरे पर आए थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ख़ुद जाकर जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे का स्वागत किया था.

शिंज़ो आबे को एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया था.

भारत आए शिंज़ो आबे का परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया था. इस दौरान उन्हें भारतीय संस्कृति के अलग-अलग रंगों से रूबरू होने का मौका मिला था.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने तत्कालिक समकक्ष का पूरे गर्मजोशी से स्वागत किया था. उन्होंने शिंज़ो आबे के साथ एयरपोर्ट से लेकर साबरमती आश्रम तक रोड शो किया था.

जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे और उनकी पत्नी आकी आबे ने पीएम मोदी के साथ साबरमती आश्रम का दौरा किया था. शिंज़ो आबे ने साबरमती आश्रम के विज़िटर बुक में हस्ताक्षर भी किए थे.

पीएम मोदी ने जापान के पीएम को अहमदाबाद स्थित ऐतिहासिक सिदी सईद मस्जिद की सैर भी करवाई थी.

बुलेट ट्रेन नेटवर्क का शिलान्यास

जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने साल 2017 में अपनी यात्रा के दूसरे दिन भारत में पहले बुलेट ट्रेन नेटवर्क के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था.

इस बुलेट ट्रेन की ज़्यादातर फ़ंडिंग जापान से लिए जाने वाले 17 बिलियन डॉलर्स (करीब 1088 अरब रुपये) के कर्ज़ से होना तय हुआ था.

पीएम मोदी संग 12 मुलाक़ातें

साल 2014 से लेकर साल 2018 तक मोदी और आबे के बीच 12 बार मुलाक़ात हुई. शिंज़ो आबे दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री थे. उनकी विचारधारा और मोदी की विचारधारा का एक होना भी उनकी दोस्ती का एक कारण रहा.

साल 2014 में जब मोदी जापान यात्रा पर जाने वाले थे तो उन्होंने आबे के लिए कई ट्वीट किए थे. इनमें कहा गया था, "मोदी आबे के नेतृत्व से बहुत प्रभावित हैं."

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