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अयोध्या में PNB की अधिकारी का शव मिला, 'सूसाइड नोट' में पुलिस अधिकारी के नाम, FIR दर्ज
- Author, अनंत झणाणे
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शनिवार को एक महिला बैंक अधिकारी का शव बरामद हुआ है. उनका शव उसी मकान से बरामद हुआ है, जिसमें वह किराए पर रह रही थीं. मृत बैंक अधिकारी बीते पांच साल से पंजाब नेशनल बैंक अयोध्या में काम कर रही थीं.
अयोध्या के एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया है, "एक महिला जो बैंक में अधिकारी थीं वो अपने किराए के कमरे का दरवाज़ा नहीं खोल रही थीं. पुलिस मौके पर पहुँची और उनके परिजन भी वहां पर आ गए. परिजनों की मौजूदगी में रोशनदान को तोड़ कर वीडियोग्राफ़ी करते हुए अंदर गए तो दुपट्टे से लटकी हुई बॉडी मिली. बॉडी को पोस्टमॉर्टेम के लिए भेजा गया है."
शैलेश पांडेय के मुताबिक मौक़े से एक सूसाइड नोट भी बरामद हुआ है. सूसाइड नोट में लिखा है, "मेरे सुसाइड की वजह विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) और अनिल रावत (पुलिस, फैज़ाबाद) यह तीन हैं. इनमें आशीष तिवारी अयोध्या के पूर्व एसएसपी हैं और फ़िलहाल लखनऊ में स्पेशल सिक्योरिटी फ़ोर्स के प्रमुख हैं.
इस मामले में कोतवाली अयोध्या नगर थाने में एफ़आईआर दर्ज की गई है. IPC की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला हुआ दर्ज किया गया है. सूसाइड नोट में विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी, अनिल रावत के नाम थे और तीनों को पुलिस ने एफ़आईआर में नामज़द किया है.
सुसाइड नोट के बारे में एसएसपी शैलेश पांडे ने कहा, "वहां पर एक नोट मिला है, उस नोट को पुलिस ने कब्ज़े में ले लिया है, उसकी जांच कराई जाएगी. उसमें कुछ नाम हैं. कैसे यह नाम हैं इसमें, यह जांच का विषय है. जांच करके जो भी तथ्य सामने आएगा उसके हिसाब से कार्रवाई होगी. बॉडी लटकी हुई मिली थी लिहाजा पोस्टमॉर्टम में ही मृत्यु का कारण पता चलेगा, तो चीज़ीं और स्पष्ट हो जाएंगीं."
वहीं मृत महिला बैंक अधिकारी के चाचा ने मीडिया से कहा, "हम लोगों को मकान मालिक के ज़रिए जानकारी मिली. हम लोग लखनऊ से रवाना हुए, यहाँ आए तो लोकल पुलिस आ चुकी थी. उसके बाद जो यह सुसाइड नोट देखा गया. उसमें पुलिस डिपार्टमेंट के लोगों के नाम हैं."
चाचा के मुताबिक यह मौत संदिग्ध परिस्थितियों की ओर इशारा कर रहा है. उन्होंने दावा किया है, "दोनों पैर मुड़े हुए थे. वह कुर्सी पर बैठी हुई थी. छत भी ज़्यादा ऊंची नहीं है."
फ़िलहाल ज़िला अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम हो रहा है और पैनल में एक महिला डॉक्टर को भी शामिल किया गया है, पोस्टमॉर्टम के नियमों के मुताबिक़ उसकी वीडियोग्राफ़ी भी करवाई जा रही है.
इस मामले को गंभीर बताते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि सीधे आईपीएस अफ़सर का नाम आना बेहद गंभीर मुद्दा है, इसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए.
वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इस मामले को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा कि दोषी गिरफ़्तार नहीं होंगे, अधिकारी फ़रार किए जाएंगे.
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