बिहार में 94 सीटों पर मतदान, शिवराज के लिए भी 'करो या मरो' की स्थिति

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बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को 94 सीटों पर मतदान हो रहा है. 17 ज़िलों की इन सीटों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा.
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा की आधी से ज़्यादा सीटों पर मंगलवार को मतदान संपन्न हो जाएगा. दूसरे चरण के मतदान में बिहार में कुल 1,463 उम्मीदवार हैं. बिहार में विपक्ष के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव, उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव और अन्य कई अहम नेताओं की किस्मत का फ़ैसला दूसरे चरण के मतदान से ही होना है. 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर हुआ था.
2015 के विधानसभा चुनाव में इन 94 सीटों पर आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. 2015 में इन 94 सीटों पर आरजेडी का वोट शेयर 45.3 फ़ीसदी रहा था. बिहार के ये इलाक़े बेहद पिछड़े हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में इन 94 सीटों में से 33 आरजेडी, 30 जेडीयू, 20 बीजेपी, सात कांग्रेस, दो एलजेपी और दो अन्य को मिली थी.

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दूसरे चरण में क़रीब 2.86 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. बिहार के अलावा 10 अन्य राज्यों में भी कोविड-19 महामारी के बीच 54 सीटों पर उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है.
बिहार में नीतीश कुमार लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं जबकि लालू प्रसाद यादव की ग़ैरमौजूदगी में उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री की रेस में शामिल हैं. दूसरी तरफ़ मध्य प्रदेश में कुल 28 सीटों पर उपचुनाव है. शिवराज सिंह चौहान अगर आठ सीट जीतने में कामयाब रहते हैं तो उनकी सरकार बहुमत हासिल करने में सफल रहेगी नहीं तो सत्ता से बेदख़ल होना पड़ेगा.
इसके अलावा उत्तर प्रदेश में सात, गुजरात में आठ, छत्तीसगढ़ में एक, हरियाणा में एक, झारखंड में दो, कर्नाटक में दो, नगालैंड में दो, ओडिशा में दो और तेलंगाना में एक सीट पर उपचुनाव है.
छत्तीसगढ़, झारखंड और नगालैंड में मतदान के समय मौसम और सुरक्षा कारणों से अलग हैं. जो मतदाता कोविड-19 पॉजिटिव हैं उन्हें आख़िरी घंटों में अलग से मतदान करना होगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा में भी आज ही मतदान हो रहा है.
दूसरे चरण में बीजेपी 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और जेडीयू 43 सीटों पर. इसके अलावा पाँच सीटों पर मुकेश सहनी की पार्टी वीआई मैदान में है. विपक्ष की तरफ़ से आरजेडी 56 सीटों पर चुनावी मैदान में है और कांग्रेस 24 सीटों पर. वहीं सीपीआईएमएल छह सीटों पर और सीपीआई, सीपीएम चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. 31 साल के तेजस्वी यादव विपक्ष की तरफ़ से मुख्यमंत्री के उम्मीदवार हैं. तेजस्वी यादव दूसरी बार राघोपुर से चुनावी मैदान में हैं. इससे पहले वो यहीं से 2015 में विधायक चुने गए थे.
राघोपुर लालू प्रसाद यादव के परिवार की पारंपरिक सीट रही है. बीजेपी के पूर्व विधायक सतीश राय तेजस्वी यादव को राघोपुर से चुनौती दे रहे हैं. राघोपुर से लालू यादव 1995 और 2000 में विधायक चुने गए थे. इसके अलावा 2005 में उनकी पत्नी राबड़ी देवी यहां से विधायक चुनी गई थीं. 2010 में राबड़ी देवी को सतीश राय ने हरा दिया था.
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव समस्तीपुर ज़िले की हसनपुर सीट से हैं. 2015 में वो महुआ सीट से विधायक बने थे लेकिन इस बार उन्होंने अपनी सीट बदल ली.
हसनपुर भी यादव बहुल सीट है और जेडीयू ने यहां से राज कुमार राय को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा पटना साहिब से बीजेपी के सीनियर नेता नंदकिशोर यादव चुनावी मैदान में हैं. वो सातवीं बार यहां से विधायकी का चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं.
चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी इस बार एनडीए से बाहर हैं और अकेले चुनाव लड़ी रही है. एलजेपी ने एनडीए के कई बाग़ी उम्मीदवारों को अपने टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा है. दूसरे चरण में एलजेपी के कुल 52 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.
मध्य प्रदेश उपचुनाव
मध्य प्रदेश में 28 सीटों के लिए कुल 355 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 12 मंत्री भी शामिल हैं. इसी उपचुनाव से फ़ैसला होना है कि शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं.
मध्य प्रदेश की इन 28 सीटों पर उपचुनाव में कुल 63 लाख मतदाता मतदान कर सकते हैं. मतदान के लिए कुल 9,361 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. 28 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाक़े में है. ये इलाक़ा बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का माना जाता है.
230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के 107, कांग्रेस के 87, बहुजन समाज पार्टी के दो और समाजवादी पार्टी के एक विधायक हैं. चार निर्दलीय विधायक हैं और एक सीट ख़ाली है. बीजेपी को बहुमत पाने के लिए 115 विधायकों की ज़रूरत है. इन 28 सीटों में से कांग्रेस के 27 विधायक थे लेकिन 25 विधायकों ने इस साल की शुरुआत में इस्तीफ़ा दे दिया था और कमलनाथ की सरकार गिर गई थी.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार के पास दो तिहाई बहुमत है लेकिन सात सीटों पर उपचुनाव पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना गया है. इन सात सीटों में से बीजेपी को पिछले विधानसभा चुनाव में छह पर जीत मिली थी और एक सीट समाजवादी पार्टी के पास थी. वहीं गुजरात में इस साल जून महीने में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के आठ विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. बाद में पाँच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे और ये फिर से चुनावी मैदान में हैं.
बिहार में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को हुआ था. पहले चरण में कुल 54 फ़ीसदी मतदान हुआ था. तीसरे और अंतिम चरण का मतदान सात नवंबर को 78 सीटों पर है. बिहार विधानसभा चुनाव और बाक़ी राज्यों के 54 सीटों के उपचुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.
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