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कोरोना: दिल्ली से बेंगलुरु पहुँचे लोगों ने क्वारंटीन में जाने से किया इनकार, अब वापस लौटेंगे
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
दिल्ली से ट्रेन से बेंगलुरु पहुँचे लगभग 70 यात्रियों को क्वारंटीन का विरोध करने के बाद कर्नाटक सरकार ने एक अलग ट्रेन कोच में भेज दिया है.
गुरुवार सुबह बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुँचने के बाद इन यात्रियों की रेलवे और प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई.
कर्नाटक सरकार के एक मंत्री सुरेश कुमार ने बताया, "ये लोग कह रहे थे कि उन्हें क्वारंटीन के बारे में नहीं बताया गया था जबकि दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर बार-बार इसकी घोषणा हो रही थी, साथ ही उन्हें टेक्स्ट मेसेज भी भेजा गया था."
मंत्री ने बताया कि दिल्ली में क्वारंटीन पर भेजे जाने की बात सुनते ही कई लोग ट्रेन से उतर गए और उन्होंने अपने टिकट रद्द कर दिए. ट्रेन से लगभग 800 यात्री दिल्ली से बेंगलुरु पहुँचे थे.
मंत्री ने बताया कि लोगों के टिकट कैंसिल करने के बाद वेटिंग लिस्ट के लोगों को बिठाया गया और इन्हीं लोगों ने बेंगलुरु पहुँचकर क्वारंटीन पर जाने से मना कर दिया.
केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जारी आदेश के अनुसार एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले लोगों के लिए 14 दिन के क्वारंटीन पर जाना अनिवार्य है. ख़ासतौर पर यदि वो रेड ज़ोन वाले शहरों से आ रहे हों.
विरोध करने वाले यात्रियों का क्या होगा?
इन होटलों की लिस्ट यात्रियों को रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और हाईवे के एंट्री पॉइंट पर उपलब्ध होती है. क्वारंटीन पर जाने का ख़र्च यात्रियों को ही वहन करना होगा.
मंत्री सुरेश कुमार ने कहा, "हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि नियमों को नहीं तोड़ा जा सकता. उनमें से कुछ लोग वापस दिल्ली जाना चाहते थे तो हमने उनके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था कर दी."
तो क्या आगे भी सरकार ऐसे ही विरोध करने वालों के लिए कोच की व्यवस्था करेगी?
ये पूछे जाने पर मंत्री ने बताया, "ये ऐसी पहली घटना है. हम व्यवस्था को बेहतर करेंगे. जो वेटिंग लिस्ट में हैं उनके नंबर पहले से लेकर हर यात्री को संदेश भेजेंगे और उनके ट्रेन पर चढ़ने से पहले रेलवे स्टेशन पर घोषणाएँ करते रहेंगे."
इस तरह से दूसरे राज्यों से आए लोगों को क्वारंटीन पर भेजने का ये नियम सरकार ने ये सोचकर बनाया है क्योंकि घरों में क्वारंटीन पर भेजे जाने की बात कर कई लोगों ने इसका पालन नहीं किया.
केंद्र सरकार ने सात मई को एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया कि पाँच हाई-रिस्क राज्यों - दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु - से दूसरे राज्यों में जाने वाले लोगों को 14 दिन के अनिवार्य क्वारंटीन पर जाना होगा.
'फ़ाइव स्टार होटल में जाने को कहा गया'
केंद्र सरकार के निर्देश पर जारी कर्नाटक सरकार के नए आदेश में कहा गया है कि केवल गर्भवती महिलाओं, बुज़ुर्गों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को होटल जैसी जगहों पर क्वारंटीन में भेजने से छूट होगी लेकिन इसमें दिक्कतें आ रही हैं.
मुंबई की एक महिला खेल पत्रकार पवित्रा जयन्ना अपने दिल के मरीज़ पिता के साथ रहने के लिए सड़क मार्ग से बेंगलुरु आ गईं.
वो ख़ुद ही क्वारंटीन के लिए होटल जाने के लिए राज़ी हो गईं लेकिन हेल्प डेस्क से उनसे बार-बार फ़ाइव स्टार होटल में जाने का आग्रह किया जाता रहा.
पवित्रा जयन्ना ने बताया कि उनके ज़ोर देने पर उन्हें थ्री-स्टार होटलों की लिस्ट दिखाई गई.
पवित्रा ने कहा, "मुझे जिस होटल में भेजा गया वो उस लिस्ट में नहीं था. मैंने एक होटल चुना जो मेरे घर के पास था. मगर वो बहुत गंदा था. खाने के लिए मुझसे कहा गया कि पनीर और चिकन है. मैं शाकाहारी हूँ तो पनीर लिया. पर जो खाना दिया गया उस पर मुझे शक हुआ, और वो चिकन निकला. मैंने शिकायत की तो कहा गया, अब हो गया, क्या करें."
पवित्रा ने इसके बाद कर्नाटक सरकार की कोविड-19 ब्रीफ़िंग में शामिल होकर इस पर सवाल पूछा.
मंत्री सुरेश कुमार ने इस पर तत्काल माफ़ी माँगी और कहा, "मुझे अफ़सोस है, ऐसा नहीं होना चाहिए था. हम सब ठीक कर देंगे."
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