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बुलंदशहर में मंदिर के भीतर दो पुजारियों की नृशंस हत्या, एक गिरफ़्तार
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, लखनऊ से
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले में एक मंदिर के भीतर दो पुजारियों की गला काटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है. हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ़्तार करने का दावा किया है.
बुलंदशहर के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया, "गांव के ही एक नशेड़ी ने धारदार हथियार से इस घटना को अंजाम दिया है. दो दिन पहले बाबा का चिमटा चुरा ले गया था जिसकी वजह से बाबा ने काफ़ी डांटा था. शायद इसी वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया हो. गांव वालों ने ही पकड़कर उसे पुलिस के हवाले किया है. उस वक़्त भी अभियुक्त नशे में ही था. उससे पूछताछ की जा रही है."
बताया जा रहा है कि इस घटना को तब अंजाम दिया गया जब मंदिर परिसर में ही दोनों साधु सो रहे थे. दोनों ही साधु, 55 वर्षीय जगनदास और 35 वर्षीय सेवादास अनूपशहर कोतवाली के पगौना गांव स्थित शिव मंदिर की देख-रेख और पूजा-पाठ का काम करते थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, सोमवार देर रात मंदिर परिसर में ही दोनों साधुओं की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई. मंगलवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पहुंचे तो उन्हें साधुओं के ख़ून से लथपथ शव पड़े मिले जिसे देखकर कोहराम मच गया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को तत्काल मौक़े पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट देने और सख़्त कार्रवाई करने को कहा है. ज़िलाधिकारी और एसपी समेत ज़िले के कई अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए.
पगौना गांव के निवास सुरेश चंद्र बताते हैं, "जगनदास साधु बुलंदशहर के ही भदेसी गांव से आए थे जबकि सेवादास गांव कनौरा के रहने वाले हैं और क़रीब पाँच साल पहले यहां आए थे. इस मंदिर में आस-पास के कई गांवों के लोग पूजा-दर्शन के लिए आते हैं. दोनों ही साधु यहां पुजारी थे और मंदिर की देख-रेख भी करते थे."
पुलिस ने मुरारी नाम के जिस व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, वह भी पगौना गांव का ही रहने वाला है. गांव वालों के मुताबिक़, यह व्यक्ति अक्सर नशे में रहता है लेकिन गांव में कभी कोई आपराधिक कृत्य नहीं किया है. हालांकि पुलिस ने मुरारी को गांव वालों के ही संदेह के आधार पर गिरफ़्तार किया है लेकिन गांव के ही कुछ लोग मुरारी के इस तरीक़े से नृशंस हत्या करना पर संदेह जता रहे हैं.
वहीं इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई राजनीतिक टिप्पणियां भी सामने आने लगीं. ख़ासकर लोग इसका उल्लेख महाराष्ट्र में पालघर में हुए तीन साधुओं की पीट-पीटकर हुई हत्या से जोड़कर करने लगे. शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्विटर पर लिखा है, "यूपी के बुलंदशहर में मंदिर में दो साधुओं की हुई हत्या बेहद अमानवीय है. लेकिन मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे इसे महाराष्ट्र में पालघर में हुई साधुओं की हत्या के मामले की तरह सांप्रदायिक बनाने की कोशिश न करें."
वहीं इस मामले पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया है और कहा है कि ऐसे जघन्य अपराधों की गहराई से जाँच होनी चाहिए और इस समय किसी को भी इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.
यूपी के बदायूं में भी पिछले साल मंदिर के भीतर एक साधु की हत्या कर दी गई थी.
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