दिल्ली विधानसभा चुनाव: आज वोटिंग, इन सीटों पर रहेगी नज़र

वोट देकर आते लोग

इमेज स्रोत, PRADEEP GUAR/MINT VIA GETTY IMAGES

News image

आज दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान किया जाएगा. मतदान सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक चलेगा.

दो दिन बाद 11 फ़रवरी को नतीजा सामने आएगा कि दिल्ली की सत्ता आख़िर किसके हाथों में जाएगी.

दिल्ली में 70 सीटों के लिए मतदान किया जाएगा और दिल्ली की जनता अपना फ़ैसला सुनाएगी.

वैसे तो चुनाव मैदान में 672 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं लेकिन आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबला होता दिख रहा है.

इस वक़्त दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है. 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था. पार्टी फिर से सत्ता हासिल करने के लिए ज़ोर लगा रही है.

मतदान की स्याही लगी उंगली

इमेज स्रोत, Getty Images

2015 के चुनावों में बीजेपी को तीन सीटें मिली थीं और कांग्रेस खाली हाथ रही थी.

लेकिन, कांग्रेस तीन बार दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ रही है और अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने में जुटी है. वहीं, बीजेपी ने भी सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश है और चुनावों में कड़ी टक्कर दे रही है.

दिल्ली में दिसंबर 2013 में भी विधानसभा चुनाव हुए थे लेकिन उसमें किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया. तब आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी जो बस 49 दिन ही चली थी. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने ख़ुद ही सरकार गिरा दी और फिर से चुनाव में कूद गई.

इस चुनाव की बात करें तो ये नेताओं के विवादित भाषणों और इसमें उठाए गए मुद्दों के चलते भी खासा चर्चित रहा. इन चुनावों में बिजली-पानी, शाहीन बाग, सीएए, शिक्षा और राष्ट्रवाद जैसे मसले हावी रहे हैं. इसके अलावा कुछ नेताओं को बयानबाजी के लिए चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा और प्रचार पर प्रतिबंध भी लगाया है.

दिल्ली सरकार का कार्यकाल 22 फरवरी को ख़त्म होने वाला है. दिल्ली में 70 सीटें हैं और जीतने के लिए 36 सीटें चाहिए. दिल्ली की कई अहम सीटों पर पार्टियों के बीच कड़ा मुक़ाबला होने की संभावना है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

इमेज स्रोत, EPA

नई दिल्ली

इस सीट का इतिहास रहा है कि यहां से पिछले पांच चुनावों में मुख्यमंत्री उम्मीदवार जीतकर आए हैं. इस बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं. उनसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित यहां से चुनाव लड़ती थीं. 2013 में अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को नई दिल्ली से हराया है. इस बार केजरीवाल का मुक़ाबला बीजेपी के सुनील यादव और कांग्रेस के रोमेश सबरवाल से है.

चांदनी चौक

यहां मौजूदा विधायक अलका लांबा फिर से चुनावी मैदान में हैं लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी से नहीं बल्कि कांग्रेस के टिकट पर. आम आदमी पार्टी से जुड़ने से पहले भी वो लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ी रही थीं. वो कांग्रेस की छात्र ईकाई एनएसयूआई से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष का चुनाव जीती थीं. चांदनी चौक का इलाक़ा नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) को लेकर हुए विरोध को लेकर भी चर्चा में रहा है. यहां पर आम आदमी पार्टी से प्रह्लाद सिंह और बीजेपी से सुमन कुमार गुप्ता चुनाव लड़े रहे हैं.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

इमेज स्रोत, Getty Images

पटपड़गंज

यहां से दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ रहे हैं. उनका मुक़ाबला बीजेपी के रवि नेगी और कांग्रेस के लक्ष्मण रावत से है. यहां सिसोदिया तीसरी बार और बीजेबी व कांग्रेस के उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. यहां मुक़ाबला इसलिए भी रोचक है क्योंकि दोनों उम्मीदवार रवि नेगी और लक्ष्मण रावत उत्तराखंड से हैं और इस सीट पर उत्तराखंड के लोगों की अच्छी खासी संख्या है. वहीं, मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के बाद दूसरे नंबर के नेता हैं. उनके पास शिक्षा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय भी हैं और शिक्षा संबंधी नीतियों को लेकर खासे चर्चा में रहे हैं.

ओखला

शाहीन बाग में सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच ओखला विधानसभा क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है. तीनों ही दलों के लिए ये इलाक़ा अहम हो गया है. यहां से आम आदमी पार्टी से अमानतुल्लाह ख़ान विधायक हैं जो इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस ने उनके सामने पूर्व राज्यसभा सांसद परवेज़ हाशमी को और बीजेपी ने ब्रह्म सिंह को उतारा है. ये मुस्लिम बहुल इलाक़ा है और यहां गुज्जर वोट भी अहम हैं.

नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल

इमेज स्रोत, EPA, GETTY IMAGES

मॉडल टाउन

ये सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां से आम आदमी पार्टी में मंत्री रहने के बाद पार्टी छोड़ चुके कपिल मिश्रा चुनाव में खड़े हैं. लेकिन, इस बार वो बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने आम आदमी पार्टी से अखिलेश पति त्रिपाठी और कांग्रेस से अकाक्षां ओला खड़ी हैं. इस सीट पर त्रिकोणीय मुक़ाबला है.

इसके अलावा राजेंद्र नगर, कालकाजी, गांधी नगर, तुगलकाबाद, हरिनगर और बाबरपुर की सीटों पर भी चुनावी मुक़ाबला देखने लायका होगा. इसके अलावा बीजेपी विश्वास नगर, मुस्तफ़ाबाद और रोहिणी से चुनाव जीती थी इसलिए इन सीटों के नतीजे भी महत्वपूर्ण होंगे.

अब देखना होगा कि क्या आम आदमी पार्टी अपना पिछला प्रदर्शन कायम रख पाती है या बीजेपी तीन सीटों को दोहरी संख्या में बदल पाती है या कांग्रेस अपने पुराना दमखम दिखा पाती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)