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महाराष्ट्र: शरद पवार-सोनिया मुलाक़ात, सरकार पर सस्पेंस क़ायम
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अभी भी सस्पेंस बरक़रार है. इसी सिलसिले में सोमवार को एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की.
दोनों नेताओं की मुलाक़ात सोनिया गांधी के निवास 10 जनपथ पर हुई. बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी भी मौजूद थे.
सोनिया गांधी और शरद पवार की मुलाक़ात क़रीब 45 मिनट तक चली. मुलाक़ात के बाद शरद पवार पिछले गेट से बाहर चले गए. लेकिन फिर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान पवार ने कहा कि सोनिया से उनकी मुलाक़ात के दौरान महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर किसी ख़ास पार्टी को समर्थन देने या न देने को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई.
पवार ने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस के नेता महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर आगे बातचीत करेंगे.
पवार ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के अलावा कई छोटी पार्टियां हैं जिन्होंने चुनाव में उनका साथ दिया था, इसलिए कोई भी फ़ैसला लेने में उनकी राय भी ली जाएगी.
पत्रकारों ने बार-बार पूछा कि क्या शिव सेना को समर्थन देने को लेकर कांग्रेस में कोई मतभेद है, इस पर शरद पवार ने कहा कि शिव सेना के बारे में सोनिया गांधी से कोई बातचीत नहीं हुई.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर कहा, ''शरद पवार ने आज कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाक़ात की और उन्हें महाराष्ट्र की स्थिति के बारे में जानकारी दी. बैठक में यह तय किया गया कि एक या दो दिन में, एनसीपी और कांग्रेस के प्रतिनिधि दिल्ली में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे.''
पवार और सोनियाा की मुलाक़ात के बारे में कहा जा रहा था कि अब शायद कोई अंतिम फ़ैसला हो जाए और महाराष्ट्र में जो राजनीतिक संकट है वो दूर हो जाए.
लेकिन पवार और सोनिया की मुलाक़ात के बाद भी स्थिति साफ़ नहीं हुई है कि महाराष्ट्र में सरकार गठन कब तक होगा.
जानकारी
सोमवार को ही कांग्रेस की प्रेसवार्ता में पत्रकारों ने जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से पूछा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी की क्या पोज़ीशन हैं, क्या कांग्रेस शिवसेना के साथ सरकार बना रही है या नहीं, इसका जवाब देते हुए खेड़ा ने कहा, ''आपमें (पत्रकारों) और महाराष्ट्र के राज्यपाल में एक समानता है- समय ही नहीं देते हैं. तुरंत चाहिए सब. उन्होंने भी तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया. इस बारे में बहुत जल्दी आप सबको जानकारी मिल जाएगी.''
महाराष्ट्र विधान सभा के नतीजे 24 अक्तूबर को आए थे. बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं.
शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन चुनावी नतीजे के बाद दोनों पार्टियों का साथ छूट गया. बीजेपी के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस्तीफ़ा दे दिया जिसके बाद राज्यपाल ने शिव सेना और फिर एनसीपी से पूछा कि क्या वे सरकार बना सकते हैं या नहीं.
लेकिन जब कोई पत्र नहीं आया, तो राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफ़ारिश कर दी. इस समय महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू है.
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