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बांग्लादेशः हिंदू युवक के कथित फ़ेसबुक पोस्ट को लेकर बवाल
बांग्लादेश में सोमवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं. इसके एक दिन पहले एक साम्प्रदायिक दंगे में पुलिस की गोली से चार लोगों की मौत हो गई थी.
बताया जा रहा है कि भोला द्वीप पर रहने वाले एक हिंदू युवक बिप्लब चंद्र बैद्य की फ़ेसबुक आईडी से एक टिप्पणी की गई थी, जिसमें कथित तौर पर ईश निंदा की गई थी. इसके बाद क़रीब 20 हज़ार लोगों की भीड़ युवक को फांसी देने की मांग कर रहे थे.
पुलिस का कहना है कि रविवार को भीड़ के उग्र होने पर उन्हें गोली चलानी पड़ी. इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 50 लोग घायल हुए हैं जिनमें 10 पुलिसकर्मी शामिल हैं.
इलाक़े में भारी तनाव को देखते हुए एक जगह इकट्ठा होने, रैलियों और प्रदर्शनों पर पाबंदी लगा दी गई है.
बीबीसी की बांग्ला सेवा के संवाददाता शुभज्योति घोष ने बताया कि क्या है पूरा मामला -
हिंदू युवा का फ़ेसबुक हैक
ये घटना बीते शनिवार को भोला द्वीप के बुरहानुद्दीन शहर की है. वहाँ दो दिन पहले एक हिंदू युवक ने पुलिस को बताया था कि उसका फ़ेसबुक आईडी हैक हो गया है.
इसी फ़ेसबुक आईडी से पैगंबर मोहम्मद के संबंध में कुछ आपत्तिजनक पोस्ट किया गया.
लेकिन इसी दौरान स्थानीय इस्लामिक और मदरसा संगठन उस हिंदू युवक को सज़ा देने की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे. इसे लेकर एक बड़ी पंचायत भी बुलाई गई थी.
लेकिन ख़बरों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले को लगभग सुलझा लिया था. पुलिस ने मस्जिद के इमाम को बताया कि ये ग़लत आरोप है और उस युवा का फ़ेसबुक आईडी हैक हो गया था.
लेकिन लोग इसे मानने को तैयार नहीं थे और इसी को लेकर हंगामा हुआ.
बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि भीड़ ने उन पर हमला कर दिया जिसके बाद वो फ़ायरिंग करने के लिए मज़बूर हो गए थे.
पहले भी हुई ऐसी घटनाएँ
बांग्लादेश में पहले भी इस तरह की घटनाएँ हो चुकी हैं जब किसी अल्पसंख्यक युवा को निशाना बनाते हुए उसकी आईडी हैक कर और फिर पैग़ंबर के ख़िलाफ़ कोई पोस्ट करके भीड़ को इकट्ठा किया गया और अल्पसंख्यकों पर हमला किया गया.
साल 2012 में कॉक्स बाज़ार के पास रामू नाम की जगह पर ऐसी ही घटना हुई थी. वहां बौद्ध आबादी अधिक रहती है.
वहां उत्तम देव नाम के एक बौद्ध युवक की फ़ेसबुक आईडी हैक हुई थी और इस मामले में भी ईश निंदा का इल्ज़ाम लगाया गया था.
इसके बाद कई बौद्धों के घरों में आग लगा दी गई और कई बौद्ध मंदिरों को नुक़सान पहुंचाया गया.
इसी तरह 2016 में ब्रामन बारिया जगह पर एक हिंदू युवक के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ था.
ऐसी कई अन्य घटनाएं हुईं, लेकिन इन मामलों में किसी को सज़ा हुई हो ऐसा कभी नहीं सुना गया.
भोला की घटना में भी अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि जो अपराधी हैं उन्हें सज़ा ज़रूर मिलेगी.
प्रदर्शनकारियों की मांग
लेकिन पिछली घटनाओं को देखें तो ये कहना बहुत मुश्किल है कि इस बार भी किसी को दंड मिलेगा.
स्थानीय पुलिस प्रमुख एनामुल हक़ ने एएफ़पी को बताया, "एक पुलिस अधिकारी को गोली मारी गई है जो ज़िंदगी और मौत से जूझ रहा है. अभी इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है."
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने छह सूत्रीय मांग रखी है जिसमें आरोपी को मौत की सज़ा देने और स्थानीय पुलिस प्रमुख को हटाने की मांग शामिल है.
प्रदर्शन में शामिल इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के नेता मौलाना तोरिकुल इस्लाम ने कहा कि उनकी मांग अगर 24 घंटे में नहीं पूरी होती है तो प्रदर्शन जारी रहेंगे.
पुलिस ने बताया है कि हिंदू युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने फ़ेसबुक आईडी हैक करने के संबंध में दो लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.
ईशनिंदा वाली पोस्ट के कारण पैदा होने वाली अशांति बांग्लादेश की पुलिस के लिए एक सिरदर्द बन चुकी है.
बांग्लादेश की 16.80 करोड़ की आबादी में 90 प्रतिशत लोग मुसलमान हैं.
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