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चिन्मयानंद गिरफ़्तार, 14 दिन के लिए जेल भेजे गए
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को एसआईटी की टीम ने उनके आश्रम से गिरफ़्तार कर लिया है.
लखनऊ से बीबीसी हिंदी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र के मुताबिक 'सुबह एसआईटी की टीम चिन्मयानंद को उनके आश्रम से उठाकर पास के कोतवाली ले गई. इसके बाद उनकी मेडिकल जांच के लिए उन्हें ज़िला अस्पताल ले जाया गया.'
ज़िला अस्पताल की जांच के बाद एसआईटी ने उन्हें मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, चिन्मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन्होंने न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इसमें कोई देरी नहीं हुई है. हमलोगों ने विस्तृत जांच की. पीड़िता के वीडियों की फॉरेंसिक जांच की गई. हमने उनपर रेप का मामला दर्ज किया है.'
समीरात्मज मिश्र के मुताबिक चिन्मायनंद पर धारा 376 (सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसके मुताबिक किसी शख़्स द्वारा अपनी ताक़त और पद का इस्तेमाल करते हुए ज़बरन यौन शोषण किया जाता है.
शाहजहांपुर स्थित एसएस लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने उन पर शोषण, अपहरण और धमकाने के आरोप लगाए हैं. इससे पूर्व चिन्मयानंद को शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज से, इलाज के लिए लखनऊ रेफ़र किया गया था. लेकिन वह लखनऊ नहीं जाकर अपने आश्रम लौट आए थे.
दूसरी ओर छात्रा और उसके परिवार वाले लगातार ये आरोप लगाते रहे हैं कि उन्हें प्रशासन की तरफ़ से सहयोग नहीं मिल रहा है.
क्या है पूरा मामला
शाहजहांपुर में लॉ कॉलेज की छात्रा के आरोपों और शिकायत के बावजूद उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब तक पूर्व गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ यौन शोषण का मामला दर्ज नहीं किया है.
हालांकि यह मामला अब एसआईटी को सुपुर्द हो गया है लेकिन लड़की और उसके पिता की ओर से बार-बार की जा रही मांग के बावजूद इस मामले में एफ़आईआर दर्ज न होने से कई सवाल उठ रहे हैं.
बुधवार को इस मामले में एक वीडियो वायरल सामने आने के बाद एक नया मोड़ आया, जिसमें कथित तौर पर स्वामी चिन्मयानंद किसी लड़की से मसाज कराते और मोबाइल फ़ोन पर कुछ टाइप करते दिख रहे हैं.
इसके बाद एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है जिसमें स्वामी चिन्मयानंद से कथित तौर पर पांच करोड़ की फ़िरौती मांगने संबंधी बातचीत है. बीबीसी इन दोनों ही वीडियोज़ की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकता.
इस मामले में स्वामी चिन्मयानंद के प्रवक्ता ओम सिंह की ओर से भी एक एफ़आईआर शाहजहांपुर में पिछले महीने दर्ज कराई गई थी.
पिछले महीने ही लड़की के पिता की शिकायत पर शाहजहांपुर पुलिस ने स्वामी चिन्मयानंद और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ अपहरण और धमकाने का मामला दर्ज किया था.
शोषण और धमकी सम्बन्धी लड़की का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ वकीलों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया और लड़की के सुरक्षित मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को जांच के लिए एसआईटी बनाने का निर्देश दिया.
सोमवार को एसआईटी ने लड़की से क़रीब 11 घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद लड़की और उनके पिता ने मीडिया से बात की जिसमें उन्होंने एक बार फिर यह आरोप दोहराया कि स्थानीय प्रशासन और सरकार के दबाव में स्वामी चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है.
कौन हैं चिन्मयानंद?
बीजेपी के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और राम मंदिर आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं. शाहजहांपुर में उनका आश्रम है और वो कई शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन से भी जुड़े हैं.
आठ साल पहले शाहजहांपुर की ही एक अन्य महिला ने भी स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण और उत्पीड़न का मुक़दमा दर्ज कराया था. महिला स्वामी चिन्मयानंद के ही आश्रम में रहती थी. हालांकि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, सरकार ने उनके ख़िलाफ़ लगे इस मुक़दमे को वापस ले लिया था लेकिन पीड़ित पक्ष ने सरकार के इस फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी. फ़िलहाल हाईकोर्ट से इस मामले में स्टे मिला हुआ.