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ट्रंप किम जोंग-उन से मिलने उत्तर कोरिया की धरती तक पहुंचे
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने डीएमज़ेड में मुलाक़ात की है.
दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को बांटने वाली सीमा पर हाथ मिलाया.
किम जोंग उन ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि राष्ट्रपति से इस जगह पर मुलाक़ात करेंगे.
डीएमज़ेड यानी डीमिलिट्राइज़्ड ज़ोन उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को विभाजित करने वाले असैन्यकृत इलाक़ा है.
इसके दोनों ओर दोनों देशों की सेनाओं की भारी मौजूदगी है.
ये अभूतपूर्व मुलाक़ात डोनल्ड ट्रंप के अचानक किम जोंग उन को डीएमज़ेड में मिलने का प्रस्ताव देने के बाद हुई है.
आलोचकों ने इस मुलाक़ात को राजनीतिक स्टंट कहकर खारिज किया है लेकिन कुछ का कहना है कि ये भविष्य की वार्ताओं का आधार हो सकती है.
ट्रंप और किम इसी साल फ़रवरी में हनोई में मिले थे. लेकिन वो वार्ता नाकाम रही थी.
डीएमज़ेड में किम जोंग उन के साथ पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ये एक 'ऐतिहासिक पल' है और उन्हें 'दोनों कोरिया' को बांटने वाली रेखा को पार करने पर गर्व है.
वहीं प्रेस के सामने दिए एक दुर्लभ बयान में किम ने कहा कि ये मुलाक़ात इस बात का प्रतीक है कि उनके और ट्रंप के बीच 'शानदार' रिश्ते हैं.
छोटी सी मुलाक़ात हुई बड़ी
कार्यक्रम के हिसाब से ट्रंप को किम से मिलने के बाद सैन्य अड्डे पहुंचना था लेकिन वो पनमुनजॉम पहुंचे हैं जहां किम और ट्रंप के बीच बातचीत 50 मिनट तक चली. हाथ मिलाने की ये मुलाक़ात बड़ी हो गई है.
जो कार्यक्रम बताया गया था वो अब बदल गया है और अब कोई नहीं जानता कि दोनों नेताओं की इस अप्रत्याशित और अभूतपूर्व बैठक से क्या निकलेगा.
डीएमज़ेड में जो दल ट्रंप के साथ है उसमें उनकी बेटी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कशनर साथ हैं. ट्रंप और किम ने जिस कमरे में बात की है उसमें ये दोनों भी थे.
हालांकि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन इस कमरे में नहीं थे.
क्यों अहम है ये मुलाक़ात?
इस मुलाक़ात से पहले कूटनीतिक तैयारियां करने का समय नहीं था. ऐसे में ये फ़ोटो खिंचाने का मौक़ा भर मानी जा रही थी. हालांकि इस नाटकीय मुलाक़ात को परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में प्रतिबद्धता के तौर पर भी देखा जाएगा.
बीते साल जब ट्रंप और किम ने सिंगापुर में ऐतिहासिक मुलाक़ात की थी तो परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर बातचीत अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई थी. दोनों ही नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति प्रतिबद्धता ज़ाहिर की थी लेकिन ये नहीं बताया था कि वो इसके लिए क्या करेंगे.
इसी साल फ़रवरी में हनोई में जब दोनों नेता मिले तो माना जा रहा था कि वो कोई ठोस रोडमैप पेश करेंगे लेकिन ये वार्ता पूरी तरह विफल हो गई. उसके बाद से दोनों देशों की बाच बातचीत रुक गई थी.
बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ से बात करते हुए सोल की योनसेई यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर जॉन डेलूरी ने कहा कि किम इस बार पहले से ज़्यादा सहज दिख रहे थे.
उन्होंने कहा, "उम्मीद करते हैं कि उनकी रिलैक्स बॉडी लैंग्वेज इस बात का संकेत है कि उत्तर कोरिया भी इस समय रिलैक्स है."
डोनल्ड ट्रंप ने दोनों देशों को बाँटने वाली रेखा पार की और कुछ पलों के लिए उत्तर कोरिया में क़दम रखा. ऐसा करते ही वो पहले अमरीकी राष्ट्रपति बन गए जो पद पर रहते हुए उत्तर कोरिया गए हों.
ट्रंप ने कहा कि किम ने उन्हें उत्तर कोरिया आने के लिए कहा.
प्रेस से बात करते हुए ट्रंप ने क्या कहा?
किम से मुलाक़ात के दौरन प्रेस से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने अंदाज़ में उनका शुक्रिया कहा.
ट्रंप ने कहा, ये एक ख़ास पल था, जैसा कि राष्ट्रपति मून ने कहा, और मैं भी वास्तव में ऐसा ही सोचता हूं कि ये ऐतिहासिक पल था. ये तथ्य की हम मुलाक़ात कर रहे हैं.
"मैं चेयरमैन किम को किसी और चीज़ के लिए शुक्रिया कहना चाहता हूं. जब मैंने सोशल मीडिया पर न्योता दिया और अगर वो यहां नहीं आते तो मीडिया मुझे बहुत बुरी तरह पेश करता. इसलिए आपने हम दोनों को ही अच्छा दिखा दिया और मैं इसकी प्रसंशा करता हूं."
"लेकिन हमने एक बेहतरीन रिश्ता भी विकसित किया है. मैं वास्तव में ऐसा सोचता हूं कि अगर आप दो-ढाई साल पीछे जाएं और देखें कि मेरे राष्ट्रपति बनने से पहले के समय को देखें, तो स्थिति बहुत ही ख़राब थी. ये उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और पूरी दुनिया के लिए बेहद ख़तरनाक स्थिति थी."
ट्रंप ने ट्वीट से दिया न्यौता
जी-20 शिखर सम्मेलन में जापान पहुंचे ट्रंप ने शनिवार को एक ट्वीट में किम को मुलाक़ात का निमंत्रण दिया था.
वो शनिवार को ही दो दिवसीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे हैं. यहां वो राष्ट्रपति मून जाए इन के साथ उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चर्चा करेंगे.
यह ट्रंप और किम की तीसरी मुलाक़ात है. इससे पहले दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने कहा कि यह मुलाक़ात शांति के लिए है. ट्रंप ने कहा कि किम और उनके बीच बहुते संबंध बन गए हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने नवंबर 2017 में भी दोनों कोरिया को विभाजित करने वाले डीएमज़ेड (असैन्यकरण इलाक़े) का दौरा करने की कोशिश की थी लेकिन ख़राब मौसम की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ा था.
ट्रंप और किम ने इसी साल फ़रवरी में हनोई में मुलाक़ात की थी जो विफ़ल रही थी. इस मुलाक़ात के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आई है. अमरीका चाहता है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक दे जबकि उत्तर कोरिया अपन ऊपर लगे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत चाहता है.
हाल के महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप ने किम जोंग उन के बारे में गर्मजोशी से बात की है.
बीते सप्ताह उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता के नाम एक व्यक्तिगत पत्र भेजा था. किम ने इस पत्र को शानदार बताया था.
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