पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने क्यों कहा कि जो नेता यू-टर्न नहीं लेता, वो बेवकूफ़ होता है: उर्दू प्रेस रिव्यू

    • Author, इकबाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इमरान ख़ान का एक बयान सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हालात के अनुसार यू-टर्न न लेने वाला कभी सफल नेता नहीं होता है.

उनका ये बयान ना सिर्फ़ सारे अख़बारों में छा गया बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनका ये बयान वायरल हुआ और लोग उनके इस बयान को लेकर ख़ूब लिखने लगे.

अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा था, ''यू-टर्न न लेने वाला कभी कामयाब लीडर नहीं होता है और जो यू-टर्न लेना नहीं जानता, उससे बड़ा बेवक़ूफ़ लीडर कोई नहीं होता.''

उन्होंने ये भी कहा कि इतिहास गवाह है कि नेपोलियन और हिटलर ने यू-टर्न न लेकर ऐतिहासिक ग़लती की और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा.

इस बयान पर अख़बार नवा-ए-वक़्त ने सुर्ख़ी लगाई है, ''यू-टर्न न लेने वाला लीडर ही नहीं, यह एक रणनीति होती है: इमरान ख़ान.''

इमरान ख़ान के इस बयान का विपक्षी पार्टियां ख़ूब मज़ाक़ उड़ा रही हैं. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता ख़ुर्शीद शाह ने कहा कि इमरान ख़ान ने हिटलर की मिसाल देकर साबित कर दिया है कि वो ख़ुद भी हिटलर हैं.

वहीं मुस्लिम लीग (नून) की नेता सानिया आशिक़ ने कहा कि क्या इमरान ख़ान ये कहना चाहते हैं कि वो पाकिस्तान के इकलौते नेता हैं क्योंकि वो तो यू-टर्न लेने में काफ़ी महारत रखते हैं.

इमरान के मंत्री का भी यू-टर्न

इमरान ख़ान की कैबिनेट में शामिल केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी का भी ख़ूब मज़ाक़ उड़ाया जा रहा है.

अख़बार जंग ने एक ख़बर की सुर्ख़ी लगाई है, ''फ़व्वाद चौधरी का 405 खरब का यू-टर्न सामने आ गया.''

अख़बार लिखता है कि अब यू-टर्न कोई ऐब नहीं बल्कि एक हुनर बन गया है, इसलिए अब यू-टर्न भी गर्व के साथ लिया जा सकता है और केंद्रीय मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने इसकी शुरूआत कर दी है.

अख़बार के अनुसार फ़व्वाद चौधरी ने संसद में कहा था कि केंद्र सरकार ने पिछले दस सालों में बलूचिस्तान को 420 ख़रब रूपए की सहायता राशि दी है. लेकिन सिर्फ़ दो ही दिन बाद फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने बलूचिस्तान में केवल 15 खरब रुपए का योगदान दिया है.

मुख्य न्यायाधीश निसार की नसीहत

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस साक़िब निसार का एक बयान भी पिछले हफ़्ते सुर्ख़ियों में रहा.

अख़बार दुनिया के अनुसार जस्टिस नासिर ने एक केस की सुनवाई के दौरान कहा कि ''देश के अहम पदों पर तैनाती करना एक राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी है और उनका निर्णय निजी दोस्ती के आधार पर नहीं बल्कि राष्ट्रहित के आधार पर होना चाहिए.''

ये पूरा मामला पाकिस्तानी मूल के ब्रितानी नागरिक ज़ुल्फ़ी बुख़ारी को इमरान ख़ान का सलाहकार बनाए जाने से जुड़ा है. इमरान ख़ान ने ज़ुल्फ़ी बुख़ारी को प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष सलाहकार के पद पर तैनात किया है जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

उसी केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस साक़िब निसार ने कहा कि प्रधानमंत्री को भी बेलगाम अधिकार नहीं है.

अदालत के अनुसार ये देखना बहुत ज़रूरी है कि इमरान ख़ान ने मनमर्ज़ी तरीक़े से तो अपने सलाहकारों की नियुक्ति नहीं की.

ज़ुल्फ़ी बुख़ारी के वकील एतजाज़ अहसन ने सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान कहा कि अपने सलाहकारों की नियुक्ति का प्रधानमंत्री को पूरा अधिकार है और फिर सलाहकार का पद कोई संवैधानिक पद नहीं है. अहसन ने अपनी दलील में कहा कि बुख़ारी मंत्रिमंडल के सदस्य नहीं हैं और फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने अधिकारियों की नियुक्ति के लिए बराक ओबामा से तो विचार विमर्श नहीं कर सकते.

इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पदों की तैनाती पर अदालत बंदरबांट की इजाज़त नहीं दे सकती.

सुप्रीम कोर्ट ने ज़ुल्फ़ी बुख़ारी की नियुक्ति से जुड़ी सारी जानकारियां केंद्र सरकार से मांग ली हैं. अदालत में ज़ुल्फ़ी बुख़ारी के रवैये पर सख़्त नाराज़गी जताते हुए चीफ़ जस्टिस ने कहा कि आप किसी और के दोस्त होंगे सुप्रीम कोर्ट के नहीं.

लाहौर में बनेगा लंदन जैसा स्पीकर कॉर्नर

लंदन के हाइड पार्क में मौजूद स्पीकर कॉर्नर की तर्ज़ पर लाहौर में भी बनेगा लोक शिकायत केंद्र.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बुज़दार ने लाहौर में भी ऐसी ही एक जगह बनाने की मंज़ूरी दे दी है जैसा कि लंदन स्थित हाइड पार्क में स्पीकर कॉर्नर है. अख़बार के अनुसार इस प्रस्तावित जगह पर आम जनता अपनी कोई भी शिकायत कर सकती है या फिर अपनी बात रख सकती है. अख़बार के अनुसार यहां पर सरकारी अधिकारी भी होंगे जो कि लोगों की शिकायत को उचित सरकारी विभाग तक पहुंचाएंगे.

इस जगह से मिलने वाली शिकायत पर मुख्यमंत्री के सचिवालय से भी फ़ौरन कार्रवाई होगी.

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