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सीबीएसई पेपर लीक : झारखंड से एबीवीपी नेता गिरफ़्तार
- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए
सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) पर्चा लीक मामले में झारखंड पुलिस ने एक दर्जन लोगों को गिरफ़्तार किया है.
झारखंड के चतरा ज़िले की पुलिस के मुताबिक इस मामले में विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक नेता और उनके साथी समेत कुल 12 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इनमें से दो लोग पटना से गिरफ्तार किए गए हैं.
पुलिस ने दावा किया है कि दसवीं कक्षा का गणित का पेपर चतरा में '27 मार्च को ही लीक हो गया था'. जबकि इसकी परीक्षा 28 मार्च को हुई. वहीं, एसएसटी और विज्ञान के पर्चे परीक्षा के दौरान लीक कराए गए.
चतरा के एसपी अखिलेश बी वारियार ने बीबीसी से बातचीत में इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है और संभव है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां की जाएं और कुछ नए तथ्यों का भी खुलासा हो.
एसपी अखिलेश बी वारियार ने कहा, "हमने पेपर लीक की शिकायत के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित कर इस मामले की जांच करायी. कई इलेक्ट्रानिक सबूत हाथ लगने के बाद हमलोगों ने चतरा में संचालित स्टडी विजन नामक कोचिंग संस्थान के संचालक सतीश पांडेय और पंकज सिंह को गिरफ्तार कर लिया. उनसे पूछताछ के बाद गणित के एक शिक्षक और दसवीं कक्षा के नौ छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार छात्रों के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी. लिहाजा, उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है".
पटना से लीक हुआ पेपर!
गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक सतीश पांडेय एबीवीपी के जिला संयोजक हैं.
उनपर आरोप है कि मोटी रकम के बदले उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों को गणित का प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व ही उपलब्ध करा दिया था.
ये प्रश्नपत्र पटना से मंगवाया गया था.
कहां से खुला मामला?
जवाहर नवोदय विद्यालय चतरा के प्राचार्य देवेश नारायण ने इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करायी है. उन्होंने बताया कि एसएसटी और विज्ञान की परीक्षा के दौरान उन्होंने अपने परीक्षा केंद्र पर चार छात्रों के पास से हल प्रश्नपत्र बरामद किए थे.
उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी. तब ऐसा लगा था कि सिर्फ दो विषयों का पर्चा ही लीक कराया गया है. लेकिन, पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जब पूरे मामले की जांच की तो गणित का पर्चा भी लीक होने की जानकारी सामने आई.
झारखंड पुलिस की जांच के नतीजे भारत सरकार के शिक्षा सचिव अनिल स्वरुप के उस दावे के विपरीत हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि दसवी का पर्चा सिर्फ दिल्ली और हरियाणा में लीक हुआ था.
इस बीच दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच की एक टीम ने भी सीबीएसई दफ्तर जाकर कुछ लोगों से पूछताछ की है. पुलिस का दावा है कि उसने उस शख्स की पहचान कर ली है, जिसने बोर्ड अध्यक्ष को मेल भेजकर पेपर लीक होने की जानकारी दी थी.
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