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कश्मीर में सेना की फ़ायरिंग में दो की मौत
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, श्रीनगर से बीबीसी हिंदी के लिए
भारत-प्रशासित कश्मीर के शोपियां में शनिवार को सेना की फ़ायरिंग में दो युवकों की मौत हो गई और सात लोग घायल हैं.
अलगाववादियों ने शोपियां में मारे गए दो युवाओं की मौतों के ख़िलाफ़ रविवार को कश्मीर बंद बुलाया है.
पुलिस के मुताबिक़, यह घटना श्रीनगर से क़रीब 60 किलोमीटर दूर ज़िला शोपियां के गनोपोरा इलाके में हुई है. जहां शनिवार क़रीब चार बजे इलाक़े में सेना की एक टुकड़ी इलाक़े से गुज़र रही थी जिन पर इलाके के कुछ युवाओं ने पत्थर मारे और जवाबी करवाई में सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग की.
मारे गए युवाओं की पहचान 20 वर्ष के जावेद अहमद और 24 वर्षीय सुहैल जावेद के रूप में हुई है.
काला झंडा लगाने पर विवाद
इलाक़े के एक चश्मदीद ने बीबीसी को बताया, "तीन दिन पहले इलाक़े का एक चरमपंथी मारा गया था. यहां के कुछ युवाओं ने सड़क के किनारे काला झंडा लगाया था. इस बीच सेना की कुछ गाड़ियां यहां आकर रुक गयीं और पूछने लगे कि झंडा क्यों लगाया है? जब उन्होंने झंडा उतारने की कोशिश की तो कुछ युवाओं ने सेना पर पत्थर मारे, जिसके बाद सेना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर अंधाधुंध फ़ायरिंग की. इलाक़े में देखते ही देखते कोहराम मच गया."
इस घटना के बाद इलाके में काफ़ी तनाव है. पुलिस ने दो युवाओं की फ़ायरिंग में मरने की पुष्टि की है. कश्मीर ज़ोन के पुलिस महानिदेशक मुनीर ख़ान ने बीबीसी को बताया, "आर्मी फ़ायरिंग में दो युवाओं की मौत हो गई और मामले की गहन छानबीन चल रही है."
श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया, "शनिवार तीन बजे के क़रीब सेना का काफ़िला इलाक़े से गुज़र रहा था, जिस दौरान क़रीब सौ से अधिक युवाओं ने बिना वजह उन पर पथराव करना शुरू किया. पथराव करने वाले युवाओं ने हमारी चार गाड़ियों को घेरा और गाड़ियों को काफ़ी ज़्यादा नुकसान पहुंचाया और उन्हें जलाने की कोशिश की."
अलगाववादियों ने बुलाया बंद
सेना के प्रवक्ता ने कहा, "हमारे एक जूनियर कमीशंड अफ़सर के सिर पर पत्थर लगा और वह बेहोश हो गया. भीड़ ने उन्हें खींचकर पीटने और उनसे हथियार छीनने की कोशिश भी की. मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना ने अपनी सुरक्षा के लिए गोली चलाई और जूनियर कमीशंड अफ़सर को भीड़ से बचाने की कोशिश की. हमारे सेना के सात जवान घायल हो गए हैं जबकि 11 गाड़ियों को नुक़सान पहुंचा है."
सरकार ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं और 20 दिनों तक घटना की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है.
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