आखिर अमद ख़ान का कसूर क्या था?

इमेज स्रोत, Preeti Mann
- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
नवरात्रि में देवी आराधना पर लोक गायक अमद ख़ान ने अपने वाद्य यंत्र से सुर निकाले, मगर तंत्र पूजा करने वाले भोपा को लगा कि उन्होंने जानबूझकर वो राग नहीं निकाला जिससे उसमें देवी प्रकट होतीं.
इसी बात पर अमद ख़ान को कथित तौर पर पीट-पीट कर मार डाला गया. पुलिस ने भोपे को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन इस घटना से डरे सहमे मांगणयार बिरादरी के कोई डेढ़ दर्जन परिवारों ने गांव छोड़ कर जैसलमेर शहर में पनाह ली है.
इस घटना के बाद जैसलमेर के दांतल गांव में उन घरो में ख़ामोशी है जहां रोज़ संगीत की गूंज सुनाई देती थी.

इमेज स्रोत, Narayan Bareth
सुर साधना
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बीबीसी को बताया, "भोपा रमेश सुथार को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अभी एक और व्यक्ति की तलाश कर रही है."
पुलिस के अनुसार यह घटना 27 सितंबर को हुई जब नवरात्रि जागरण में भोपे रमेश ने अमद ख़ान को एक ख़ास राग छेड़ने को कहा. अमद ने अपनी सुर साधना का प्रदर्शन किया भी. मगर इसे भोपे ने स्वीकार नहीं किया.
जानकारी के मुताबिक रमेश सुथार को लगा इसी वजह से उसमें देवी प्रकट नहीं हुई. इस पर अमद को पीटा गया. पुलिस के मुताबिक दोबारा उनका अपहरण हुआ. फिर पीटा गया जिससे उनकी जान चली गई. उनका साज भी तोड़ दिया गया.

इमेज स्रोत, Narayan Bareth
हत्या का मामला
पुलिस अधीक्षक यादव कहते हैं, "पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तो क्षेत्र के थानाधिकारी ने दांतल जाकर पूछताछ की. इसमें अमद के परिजनों ने इसे प्राकृतिक मौत बताया. लेकिन चार दिन बाद उनकी रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया."
इस घटना से आहत और भयभीत मांगणयार परिवारों ने गांव घर छोड़ कर जैसलमेर में शरण ली है. उनकी सुरक्षा में पुलिस चौकी स्थापित की गई है.
अमद खान के भाई सूजे खान ने बीबीसी से कहा, "हम उस गांव में कैसे लौटें? हम डरे हुए हैं. हम कार्रवाई चाहते हैं. हमारा साज तोड़ दिया गया. मेरे भाई के चार बच्चे अनाथ हो गए, उनकी परवरिश कौन करेगा."

इमेज स्रोत, Narayan Bareth
अमद खान की जान
पुलिस के मुताबिक गांव के प्रमुख लोगो ने भी अमद खान के परिवार और मांगणयार बिरादरी से गांव लौटने के समझाया. मगर वे तैयार नहीं हुए.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "यह कोई साम्प्रदायिक मामला नहीं है. अपराध है. इसमें मांगणयार बिरादरी के लोग खुद को आहत महसूस कर रहे है. वे कहते हैं कि इतनी सी बात पर अमद खान की जान ले ली गई. हम अब गांव में किस पर भरोसा करें."
सूजे खान का कहना है, "गांव के लोगो ने हमें गुमराह किया है और रिपोर्ट दर्ज कराने में देर करा दी.

इमेज स्रोत, Narayan Bareth
गांव में वीरानी
सरहद के इन गावों में सदियों से मांगणयार और लंगा बिरादरी के लोग अपने हिंदू जजमानो के शादी उत्सव और धार्मिक आयोजनों में गाते रहे हैं.
पर ऐसी घटना पहली बार हुई है. दांतल गांव में मांगणयार घरो पर ताले लगे है और वीरानी छाई है.
वो साज जो सहरा में संगीत का जादू बिखेरता था, टूट गया है. न तो वो साज रहा, न उसे बजाने वाला अमद खान.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












