'न राम की पूजा व्यक्ति पूजा है, न मोदी की'

    • Author, वात्सल्य राय
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के अध्यक्ष और सांसद वीरेंद्र सिंह का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी विचार केंद्रित पार्टी है और नरेंद्र मोदी उस विचार की जीती जागती तस्वीर हैं.

हालांकि, वो इस बात को खारिज करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी में व्यक्ति पूजा की संस्कृति पनप रही है.

दरअसल, नरेंद्र मोदी की अगुवाई केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी ने 'मेकिंग ऑफ डेवलपिंग इंडिया' यानी 'मोदी' नाम दिया है.

केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने हाल में मोदी के नाम की व्याख्या करते हुए कहा इसे 'मेकिंग ऑफ डेवलपिंग इंडिया' बताया था. नायडू इसके पहले मोदी को 'भारत के लिए भगवान का उपहार' भी बता चुके हैं.

भारतीय जनता पार्टी खुद को कार्यकर्ता आधारित पार्टी बताती रही है. अतीत में उसने कांग्रेस और दूसरी पार्टियों पर परिवारवाद और व्यक्तिवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाए हैं.

ऐसे में भाजपा का एक आयोजन को किसी व्यक्ति का नाम देना कितना तर्क संगत है? क्या ये व्यक्ति पूजा नहीं, इस सवाल के जवाब में वीरेंद्र सिंह कहते हैं, "हम राम जी की पूजा करते हैं तो उनकी मर्यादा की पूजा करते हैं. राम जी की पूजा व्यक्ति पूजा थोड़े होती है. हमारी मर्यादा की पूजा होती है."

वो कहते हैं, "कृष्ण के विवेक की पूजा करते हैं तो कृष्ण की व्यक्तिगत पूजा नहीं, उनके विवेक की पूजा होती है. शंकर की पूजा करते हैं तो उनके त्याग की पूजा करते हैं. जो पूरी दुनिया के लिए ज़हर निगल गए. नरेंद्र मोदी के कार्यों के कारण पूजा होती है तो सनातन परंपरा के शासन पक्ष की तस्वीर है, इसलिए उसकी चर्चा होती है, पूजा नहीं होती."

सांसद वीरेंद्र सिंह दावा करते हैं कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार इकलौती सरकार है जिस पर तीन साल के दौरान आर्थिक भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है.

वो कहते हैं, "1952 से चलने वाली जितनी सरकारें हैं, चाहे पंडित नेहरू की सरकार हो, चाहे इंदिरा गांधी की सरकार हो, लाल बहादुर सरकार को छोड़कर, चाहे जितनी सरकारें बनी हों, उन पर कहीं न कहीं आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं."

वीरेंद्र सिंह कहते हैं, "देश की जनता ने देश के खजाने को सुरक्षित रखने के लिए जिस नेतृत्व पर भरोसा किया था, उसका नाम है नरेंद्र मोदी. 125 करोड़ जनता ने पहले फ़ैसला कर लिया कि उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो सरकारी खजाने की लूट बंद हो जाएगी."

वो सवाल करते हैं, "देश की जनता पहले व्यक्ति को चुनती है. पार्टी में बाद में प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा करती है तो ये व्यक्तिवाद कैसे है?"

वो कहते हैं कि नरेंद्र मोदी पार्टी के नेता हैं और उनमें जो गुण हैं वो कार्यकर्ताओं को बताना ही होगा.

बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह केंद्र सरकार पर विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले किसानों की अनदेखी के आरोपों को भी खारिज करते हैं.

वो कहते हैं कि देश के 82 फ़ीसद किसानों के लिए मोदी सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है. वो दावा करते हैं किसानों की आमदनी लगातार बढ़ रही है. किसानों को उन्नत बीज और नीम कोटेड यूरिया मिल रही है. सोलर सिंचाई से लागत कम हो रही है.

किसानों की आत्महत्या और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर विपक्ष के सवालों को भी बेदम बताते हैं.

वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि विपक्ष को जानकारी करनी चाहिए कि किसान अभी से नहीं बल्कि साल 1991 से आत्महत्या कर रहे हैं. वो कहते हैं कि सरकार ने लाभकारी मूल्यों के वादे किए थे, वो वादे पूरे किए जाएंगे. उत्तर प्रदेश की सरकार इसका उदाहरण है.

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