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गोवा में कांग्रेस की सरकार चाहते ही नहीं थे दिग्विजय: राणे
गोवा विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देने वाले कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे का मानना है कि एक साज़िश के तहत वहां कांग्रेस पार्टी का 'सत्यानाश' किया जा रहा है.
बीबीसी संवाददाता निखिल रंजन से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "गोवा की जनता ने कांग्रेस को वोट दिया था, लोग इसकी सरकार चाहते थे. लेकिन, पार्टी के गोवा प्रभारी के व्यवहार से लगता है कि कांग्रेस को वहां सरकार बनाने की इच्छा ही नहीं थी."
उनके मुताबिक़, लोगों ने भाजपा के ख़िलाफ़ वोट दिए थे, उसे बहुमत नहीं मिला. लेकिन गोवा के कांग्रेस प्रभारी ने वहां भाजपा को सरकार बनाने का मौका दे दिया.
वे कहते हैं, "कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया तो ऐसी थी मानो मजाक हो रहा हो. इसके बाद जब पार्टी में विपक्ष का नेता चुनने का मौका आया, फिर लोगों ने पूरी प्रक्रिया को ही मजाक बना कर रख दिया. विपक्ष का नेता बग़ैर चुनाव के ही चुन लिया गया."
विश्वजीत राणे ने बीबीसी से कहा, "गोवा में कांग्रेस पार्टी का सत्यानाश करने की साज़िश चल रही है. इस साज़िश के तहत ही यहां कांग्रेस पार्टी को विपक्ष में बैठा दिया गया है."
वे सवाल उठाते हैं, "जनता के बीच से चुन कर आया मेरे जैसा युवा नेता क्या करे? मुझे मजबूर होकर चुनाव जीतने के बाद इस्तीफ़ा देकर बाहर निकलना पड़ा. मेरे बाद पूरे देश में युवा प्रतिनिधि ऐसा ही करेंगे."
उन्होंने पार्टी के प्रति पूरी निराशा जताते हुए कहा कि उन्होंने ये मुद्दे पार्टी फ़ोरम पर भी उठाए थे, लोगों को समझाने की कोशिश की थी. पर नतीजा सिफ़र रहा. अब वे पूरी तरह नाउम्मीद हो चुके हैं.
अपने आगे की योजना पर राणे कहते हैं, "मैं अब एक बार फिर चुनाव लड़ूंगा. मैं सूबे में भाजपा की सरकार को समर्थन दूंगा. मेरे साथ कुछ दूसरे विधायक भी पार्टी छोड़ कर निकल सकते हैं."