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प्रेस रिव्यूः आ सकता है पाकिस्तान का भी नंबर
हिन्दुस्तान टाइम्स में ख़बर है कि ट्रंप के आप्रवासियों पर पाबंदी लगाने की सूची में पाकिस्तान का भी नाम शामिल हो सकता है. अख़बार के अनुसार व्हाइट हाउस के एक बड़े अधिकारी ने ऐसी संभावना जताई है जिससे पहली बार ये पता चलता है कि पाकिस्तान के नाम पर भी विचार हो रहा है.
व्हाइट हाउस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ राइंस प्रीबस ने अमरीकी टीवी चैनल सीबीएस पर कहा है कि अस्थायी पाबंदी की सूची में शामिल देशों की तरह और भी कई देश हो सकते हैं जिनके यहाँ ऐसी ही समस्याएँ हैं, जैसे पाकिस्तान या दूसरे देश और शायद इस पाबंदी को और आगे ले जाया जाए.
अमरीका में भारतीय हिरासत में
वहीं हिंदू में ख़बर है कि अमरीका के नॉर्थ डकोटा राज्य में हवाई अड्डे पर एक भारतीय व्यवसायी को हिरासत मे ले लिया गया है. अख़बार के अनुसार सुरक्षाकर्मियों ने बड़ौदा के इस बिज़नेसमैन को आतंक फैलाने का आरोप लगाते हुए एक जेल में भेज दिया है.
अख़बार के अनुसार ये व्यवसायी एक हफ़्ते के लिए अमरीका के बिज़नेस दौरे पर था जब हवाई अड्डे पर कथित तौर पर उनकी हवाई सेवा कर्मचारियों से नोंक-झोंक हो गई जिसमें उनपर आरोप लगा है कि उन्होंने धमकी दी कि उनके बैग में एक बम है.
हिंदू के अनुसार उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जा सकता है. वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने हिंदू को बताया है कि संबंद्ध वाणिज्यिक दूतावासों को और जानकारी लेने के लिए कहा गया है.
पाकिस्तान ने भारत का न्योता ठुकराया
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक ख़बर है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य करने की एक कोशिश के तौर पर उसे अगले महीने इंदौर में दक्षिण एशियाई देशों के एक सम्मेलन में आमंत्रित किया है. मगर पाकिस्तान ने इसे ठुकरा दिया है.
अख़बार ने शीर्ष सरकारी सूत्रों के हवाले से ये ख़बर दी है. उसने लिखा है कि इस सम्मेलन में पहली बार म्यांमार को भी आमंत्रित किया गया था, मगर समझा जाता है कि उसने भी इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है.
चुनाव आयोग रिज़र्व बैंक से नाराज़
इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर है कि चुनाव आयोग ने रिज़र्व बैंक से पाँच राज्यों में हो रहे चुनावों में खड़े प्रत्याशियों के लिए बैंकों से निकासी की साप्ताहिक सीमा को बढ़ाकर 24,000 रूपए से दो लाख रूपए करने का निर्देश दिया है.
अख़बार के अनुसार चुनाव आयोग ने इस बारे में पहले आग्रह किया था मगर रिज़र्व बैंक ने उसपर ध्यान नहीं दिया जिसपर नाराज़गी जताते हुए आयोग ने रिज़र्व बैंक को याद दिलाया कि चुनाव की अवधि में उसके निर्देशों का पालन करना ही होगा.
आयोग ने आरबीआई प्रमुख उर्जित पटेल को चिट्ठी भेजी है जिसमें कहा है कि बैंक ने मामले की गंभीरता का अंदाज़ा नहीं लगाया.
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