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मेघालय के राज्यपाल का इस्तीफा
यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद मेघालय के राज्यपाल वी. षणमुगनाथन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टाशाली ने राज्यपाल के निजी सचिव सौरभ पांडे के हवाले से बताया है कि षणमुगनाथन ने अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को भेज दिया है.
67 वर्षीय षणमुगनाथन ने 20 मई 2015 को मेघालय के राज्यपाल का पद संभाला था.
13 सितंबर 2016 से उनके पास अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल का भी अतिरिक्त कार्यभार था.
बुधवार को शिलांग में राजभवन में काम करनेवाले करीब 80 कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और गृह मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखकर राज्यपाल को तत्काल हटाने की मांग की थी.
कर्मचारियों का आरोप था कि "राज्यपाल की हरकतों से राजभवन की प्रतिष्ठा और राजभवन के कर्मचारियों की भावनाएं आहत हुई हैं."
चिट्ठी में लिखा गया था कि इन "गंभीर रूप से राजभवन की प्रतिष्ठा की अनदेखी" की गई है और इसे एक "यंग लेडीज़ क्लब" में बना दिया गया है जिससे राजभवन के कर्मचारियों को "मानसिक तनाव और तकलीफ़" हुई है.
बुधवार को ही मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा था कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रालय के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं.
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